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प्रधानमंत्री मोदी का दशहरा संदेश: एकता और आत्मनिर्भरता की आवश्यकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और एकता तथा आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सदियों के आक्रमणों के बावजूद अपनी पहचान को बनाए रखे हुए है और अब इसे पुनः प्राप्त कर रहा है। पीएम ने राम राज्य के आदर्शों की चर्चा करते हुए न्याय और समान अवसर की बात की। इस अवसर पर उन्होंने सभी भारतीयों से अपील की कि वे जनकल्याण में योगदान दें और देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करें।
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दशहरा पर प्रधानमंत्री का संदेश


नई दिल्ली. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मंगलवार को नई दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में आयोजित दशहरा समारोह में उन्होंने भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत अपनी पहचान और विरासत को पुनः प्राप्त कर रहा है, जो सदियों के विदेशी आक्रमणों और लूटपाट के बाद संभव हुआ है। पीएम ने सभी भारतीयों से एकजुट होकर देश की सुरक्षा के लिए काम करने का आह्वान किया।


विजयादशमी के इस पर्व पर, पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम के आदर्शों को जीवित रखना केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए जीवन की प्रेरणा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो सत्य, धर्म और सुशासन की याद दिलाता है।


राम राज्य का महत्व

प्रधानमंत्री मोदी ने राम राज्य की परिभाषा देते हुए कहा कि यह जनकल्याण और सुशासन का प्रतीक है, जहां सभी को समान अवसर और न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं, बल्कि जनता की भलाई के लिए काम करना होना चाहिए। भगवान राम का आदर्श हमें सिखाता है कि हमें हमेशा जनता को भगवान का स्वरूप मानना चाहिए।



उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीबों और वंचित वर्गों का कल्याण करना है। पीएम ने सभी भारतीयों से अपील की कि वे बिना किसी बाहरी सहायता की अपेक्षा किए जनकल्याण में योगदान दें।


भारत की पहचान की रक्षा

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सदियों के आक्रमणों के बावजूद अपनी पहचान को बनाए रखा है और अब यह अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनः प्राप्त कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में 600 से अधिक प्राचीन मूर्तियां भारत वापस लाई गई हैं। विजयादशमी के इस अवसर पर, उन्होंने एकता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया।


उन्होंने कहा कि देशवासियों को मिलकर भारत की पहचान और परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए।