प्रधानमंत्री मोदी का धनतेरस पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश
धनतेरस पर स्वास्थ्य का संकल्प
नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनतेरस के अवसर पर देशवासियों से बेहतर स्वास्थ्य के लिए संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर परिवार एक उज्जवल और स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में, प्रधानमंत्री ने बताया कि आयुर्वेद केवल बीमारियों के उपचार पर ध्यान नहीं देता, बल्कि स्वास्थ्य को बनाए रखने और रोगों की रोकथाम पर भी जोर देता है। उन्होंने कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल व्यक्ति और परिवार के समग्र कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया, जिसमें संतुलित आहार, नियमित योग, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की आदतें शामिल हैं। उनका कहना है कि इन उपायों से लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, 'इस धनतेरस बेहतर स्वास्थ्य का संकल्प लें। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया है कि आयुर्वेद स्वास्थ्य संरक्षण पर कितना जोर देता है और निवारक स्वास्थ्य देखभाल क्यों आवश्यक है।'
उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि वे स्वस्थ भोजन, नियमित योगाभ्यास, पर्याप्त आराम और समय पर स्वास्थ्य जांच जैसी आदतों को अपनाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य में निवेश करना किसी भी परिवार का सबसे मूल्यवान निवेश है। आज अपनाई गई अच्छी जीवनशैली की आदतें आने वाले वर्षों में पूरे परिवार को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में मदद करेंगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी अपने संदेश में कहा कि धनतेरस केवल भौतिक संपत्ति में निवेश का अवसर नहीं है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक सुख-समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का भी उपयुक्त अवसर है।
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी धनतेरस पर परिवार के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'शुभं करोति कल्याणम्, आरोग्यं धन-संपदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ भारत' और 'विकसित भारत 2047' के विजन को आगे बढ़ाते हुए इस धनतेरस भौतिक संपत्ति के साथ-साथ अपने परिवार के स्वास्थ्य में भी निवेश करें।' उन्होंने कहा कि स्वस्थ परिवार ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं, इसलिए धनतेरस पर स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति मानकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।
