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प्रधानमंत्री मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम: 135वीं कड़ी का प्रसारण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 28 जून को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 135वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं। श्रोताओं को समकालीन मुद्दों पर उनके विचारों का इंतजार है। कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी, दूरदर्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें। जानें इस कार्यक्रम की विशेषताएँ और प्रसारण के तरीके।
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प्रधानमंत्री का मासिक संवाद


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 28 जून को सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 135वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों और विदेश में रहने वाले भारतीयों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री और आम जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है।


इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री समय-समय पर शासन, विकास, नवाचार, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक पहल और जनकल्याण योजनाओं जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा करते हैं। कार्यक्रम में कई बार ऐसे सामान्य नागरिकों की प्रेरणादायक कहानियों का भी उल्लेख किया जाता है, जिन्होंने समाज और देश के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इससे देशभर में सकारात्मक सोच, जनभागीदारी और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है।




कार्यक्रम की विशेषताएँ

'मन की बात' के 135वें एपिसोड को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। श्रोता समकालीन मुद्दों पर प्रधानमंत्री के विचार और देश के भविष्य को लेकर उनके संदेश का इंतजार कर रहे हैं। यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों को विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों और सामाजिक कार्यों में भागीदारी के लिए भी प्रेरित करता है।


कार्यक्रम सुनने के स्थान

इस कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी के सभी नेटवर्क पर किया जाएगा। इसके साथ ही दूरदर्शन, एआईआर न्यूज वेबसाइट और न्यूजऑनएयर मोबाइल ऐप पर भी इसे सुना और देखा जा सकेगा।


'मन की बात' का सीधा प्रसारण एआईआर न्यूज, डीडी न्यूज, प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर भी किया जाएगा। जो लोग ऑनलाइन कार्यक्रम देखना चाहते हैं, वे इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाइव प्रसारण का लाभ उठा सकेंगे। यदि कोई श्रोता लाइव प्रसारण नहीं देख पाता है, तो बाद में रिकॉर्ड किया गया संस्करण भी इन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।


कार्यक्रम का उद्देश्य

हिंदी में प्रसारण समाप्त होने के तुरंत बाद इस कार्यक्रम को आकाशवाणी की ओर से विभिन्न प्रादेशिक भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग राज्यों और भाषाई पृष्ठभूमि के लोगों तक प्रधानमंत्री का संदेश उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है। इससे अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे।