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प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स दौरा: द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊंचाइयां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा, जो तीन दिनों तक चलेगा, सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित गोल्डन जुबली समारोह में उनकी उपस्थिति के लिए है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और सेशेल्स के बीच सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और समुद्री सहयोग में नई ऊंचाइयों को छूना है। उच्चायुक्त रोहित रथीश ने इस दौरे के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा। जानें इस दौरे के बारे में और क्या संभावनाएं हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स दौरा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं। यह दौरा सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित गोल्डन जुबली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी उपस्थिति के लिए है। इस यात्रा को लेकर सेशेल्स में उत्साह का माहौल है। वहां के भारतीय उच्चायुक्त ने इस दौरे के महत्व पर चर्चा की।


उच्चायुक्त रोहित रथीश ने बताया कि यह दौरा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है, क्योंकि सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है। पीएम मोदी की उपस्थिति हमारे गहरे संबंधों को दर्शाती है। इस यात्रा से सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, समुद्री और वैज्ञानिक क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। भारतीय समुदाय के लोग भी वहां रहते हैं, और पीएम मोदी उनसे भी मिलेंगे।


भारत और सेशेल्स के बीच कूटनीतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। पिछले नौ महीनों में दोनों देशों के बीच संबंधों में मजबूती आई है। राष्ट्रपति हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति की उपस्थिति ने इस साझेदारी को और भी मजबूत किया है।


जब सेशेल्स की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देश भारतीय समुद्र पर निर्भर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले 'विजन महासागर' का प्रस्ताव रखा था, जिसमें व्यापार, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि सेशेल्स के साथ भारत के रक्षा और सुरक्षा संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं।