प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण: युवाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी का लाल किला भाषण
भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में विकास और आत्मनिर्भरता का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उनके भाषण में युवाओं, रोजगार, शिक्षा, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लिए हमें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए ठोस संकल्प लेने होंगे। उनके द्वारा युवाओं और छात्रों के लिए की गई घोषणाएं विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करने वाली थीं।
मुफ्त कोचिंग का ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा और तैयारी के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और AI स्किल ट्रेनिंग की पेशकश की। उनका कहना था कि युवाओं को नई तकनीक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करना आवश्यक है। पीएम मोदी ने युवाओं को 2047 के विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया, यह कहते हुए कि वे केवल नौकरी की तलाश करने वाले नहीं, बल्कि नई तकनीक विकसित करने और रोजगार सृजन करने वाले होंगे।
1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2026 को अपने संबोधन में अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की स्किल ट्रेनिंग देने की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने इसे भारत की युवा शक्ति को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करने और AI के क्षेत्र में देश को नेतृत्व की स्थिति में लाने के लिए महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि AI तेजी से अर्थव्यवस्था, रोजगार और कार्य करने के तरीकों को बदल रहा है, इसलिए युवाओं के लिए नई तकनीक की समझ और आवश्यक कौशल होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सेमीकंडक्टर में भारत की प्रगति
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया में सेमीकंडक्टर के बिना आगे बढ़ना कठिन है। उन्होंने बताया कि भारत में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट कार्यरत हैं। इसका अर्थ है कि मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, AI और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक चिप की आपूर्ति में भारत की भूमिका बढ़ेगी। इससे देश को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता
पीएम मोदी ने क्रिटिकल मिनरल्स को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों में इन खनिजों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए कदम उठा रहा है, ताकि भविष्य में आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति के लिए अन्य देशों पर निर्भरता कम की जा सके।
100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
ऊर्जा सुरक्षा पर भी पीएम मोदी ने एक बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता की दिशा में आगे बढ़ेगा। भारत ने पहले ही 2047 तक कम से कम 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि AI, चिप और डेटा सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों के विस्तार के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ेगी, इसलिए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आवश्यक है।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
पीएम मोदी ने भारत की बढ़ती उत्पादन क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन लगभग चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना और मोबाइल फोन उत्पादन लगभग 33 गुना बढ़ा है। उन्होंने आधुनिक रेलवे कोच निर्माण में भी वृद्धि का उल्लेख किया। उनका संदेश स्पष्ट था कि भारत को केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए सामान बनाने वाला एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बनना है।
