प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक: जल संकट और AI पर चर्चा
नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक
गुरुवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक का संचालन किया। इस वर्ष का विषय 'विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास' रखा गया था। बैठक में देश के 28 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक शामिल हुए।
मुख्यमंत्रियों की भागीदारी
इस बैठक की एक विशेषता यह थी कि पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया। इसे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और साझा विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जल संकट और अल-नीनो पर चिंता
बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने अल-नीनो से उत्पन्न संभावित चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में जल संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। राज्यों से वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण अभियानों और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन पर ध्यान देने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में पानी की उपलब्धता और उसका सतत उपयोग विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की अर्थव्यवस्था और शासन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकें विकास को तेज करने और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने राज्यों को चेतावनी दी कि AI और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर धोखाधड़ी और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग जैसी सामाजिक चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इस संदर्भ में विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने राज्यों से तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ नागरिकों को जागरूक करने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितताओं का सामना कर रही हैं, लेकिन भारत निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा आज दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
