Newzfatafatlogo

प्रधानमंत्री मोदी ने NEET पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले में सख्त कदम उठाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलाने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इस पर विपक्षी नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने शिक्षा प्रणाली को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है और छात्रों की क्या मांगें हैं।
 | 

प्रधानमंत्री मोदी का बयान

NEET पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को सामने लाते हुए एक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस पोस्ट को साझा करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।


राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

पीएम मोदी के इस पोस्ट के बाद, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने शिक्षा प्रणाली को बर्बाद किया है।


प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

अपने पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।'



उन्होंने आगे कहा, 'विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की शृंखला में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।'


विपक्ष का हमला

राहुल गांधी ने पीएम मोदी के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद होने दिया, बल्कि इसके जिम्मेदार लोगों को भी संरक्षण दिया। छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं: 1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं। 2. छात्रों से माफ़ी मांगे। 3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।'


समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी इस पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'क्या यह पहला लीक था जो अभी हुआ है? इनके कार्यकाल में कितने लीक हुए, उसका तो श्वेत पत्र होना चाहिए। कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई, कितने दंडित हुए, कुछ हुआ?' उन्होंने जेपी नड्डा के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, कहकर कि सत्ता में बैठे लोग जनता से जवाबदेही के लिए तैयार रहें।