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प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के लिए पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त जारी की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त जारी की है, जिसमें 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों को 2,000 रुपये की राशि दी गई है। इस योजना के तहत हर साल किसानों को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। जानें कि आप कैसे अपने खाते में इस किस्त की स्थिति चेक कर सकते हैं और यदि राशि नहीं आई है तो क्या कदम उठाने चाहिए।
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किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा

नई दिल्ली - देश के लाखों किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त का ऐलान किया। इस योजना के तहत 9.34 करोड़ से अधिक योग्य किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई है। इस किस्त के अंतर्गत प्रत्येक पात्र किसान को 2,000 रुपये प्राप्त हुए हैं।


सालाना 6,000 रुपये की सहायता

साल में मिलते हैं 6,000 रुपये


पीएम-किसान योजना के तहत योग्य किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में चार महीने के अंतराल पर सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि और घरेलू आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।


किस्त की स्थिति कैसे चेक करें

खाते में 2,000 रुपये आए या नहीं, ऐसे करें चेक


यदि आप इस योजना के लाभार्थी हैं और जानना चाहते हैं कि आपकी 24वीं किस्त आपके खाते में आई है या नहीं, तो आप ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं।



  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।

  2. होमपेज पर ‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प चुनें।

  3. मांगी गई जानकारी, जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें।

  4. इसके बाद ‘Get Data’ पर क्लिक करें।

  5. स्क्रीन पर आपकी किस्त और भुगतान से जुड़ी जानकारी दिखाई दे जाएगी।


अगर किस्त नहीं आई तो क्या करें

किस्त नहीं आई तो ये काम करें


यदि किसी किसान के खाते में 2,000 रुपये नहीं पहुंचे हैं, तो पहले पीएम-किसान पोर्टल पर भुगतान की स्थिति की जांच करें। ई-केवाईसी पूरी नहीं होने, आधार और बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी या भूमि के रिकॉर्ड का सत्यापन लंबित होने के कारण भुगतान रुक सकता है। सरकार ने योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य किया है। किसान ई-केवाईसी के लिए पीएम-किसान पोर्टल या मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या संबंधित बैंक से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।