प्रधानमंत्री मोदी ने जीडीपी आंकड़ों पर आलोचकों को दिया करारा जवाब
प्रधानमंत्री का तीखा बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारत के जीडीपी आंकड़ों की आलोचना करने वालों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग देश को 'फ्रेजाइल फाइव' में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं, वे आज भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
7.8% की विकास दर का महत्व
दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में बोलते हुए, पीएम मोदी ने अप्रैल से जून की तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस विकास दर ने देश के आत्मविश्वास को और भी मजबूत किया है, भले ही पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक व्यापार में बाधाएं मौजूद हैं।
'आधा खाली गिलास' पर प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने अपने 2013 के भाषण में 'आधे भरे गिलास' के रूपक को दोहराते हुए कहा कि निराशावादियों के लिए गिलास आज भी आधा खाली रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सच की आवाज के सामने झूठ टिक नहीं सकता और उनकी सरकार ने संकटों का सामना करने के बजाय दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया है।
फ्रेजाइल फाइव से तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
पीएम मोदी ने 2013 के आर्थिक परिदृश्य को याद करते हुए कहा कि उस समय भारत को 'फ्रेजाइल फाइव' में गिना जाता था, जहां कमजोर रुपया, 10% महंगाई और नीतिगत पंगुता थी। लेकिन अब भारत न केवल तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न कर रहा है।
'मेक इन इंडिया' और बैंकिंग समावेशन की उपलब्धियां
जनधन योजना के तहत लगभग 60 करोड़ बैंक खातों के खुलने का उल्लेख करते हुए, पीएम ने कहा कि उनकी सरकार 'माई-बाप' संस्कृति के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत ज्यादातर मोबाइल फोन आयात करता था, लेकिन अब देश 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल निर्यात कर रहा है।
