प्रयाग भास्कर: पत्रकारिता से ज्योतिष की ओर एक अनोखी यात्रा
जीवन में अनुभवों का महत्व
जयपुर में रहने वाले प्रयाग भास्कर की कहानी एक साधारण घटना से शुरू हुई, जिसने उनके मन में कई सवाल खड़े कर दिए। मानवीय रिश्तों में विश्वास और धोखे से जुड़ी इस घटना ने उन्हें ज्योतिष के अध्ययन की ओर प्रेरित किया। सवाई माधोपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले प्रयाग भास्कर अब जयपुर में ज्योतिष और वास्तु परामर्श का कार्य कर रहे हैं।
प्रेरणा का स्रोत
प्रयाग भास्कर के अनुसार, एक महिला के पति द्वारा धोखा देने की घटना ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि करीबी रिश्तों में विश्वास क्यों टूटता है। इस घटना ने उन्हें मानवीय व्यवहार की जटिलताओं को समझने की दिशा में आगे बढ़ाया।
शिक्षा और करियर की शुरुआत
प्रयाग ने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की और एक समाचार पत्र में काम किया। हालांकि, उनकी ज्योतिष में रुचि ने उन्हें इस विषय की औपचारिक शिक्षा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से ज्योतिष में डिग्री हासिल की।
ज्योतिषीय परामर्श की विधि
प्रयाग भास्कर पराशरी सिद्धांत और लाल किताब की पद्धतियों का उपयोग करते हैं। उनका कार्य जन्म कुंडली का निर्माण, विवाह के लिए कुंडली मिलान और करियर से जुड़े सवालों पर परामर्श देने पर केंद्रित है।
वास्तु परामर्श में भी सक्रिय
प्रयाग भास्कर केवल ज्योतिष में ही नहीं, बल्कि वास्तु परामर्श में भी सक्रिय हैं। वे आवासीय और व्यावसायिक परिसरों से जुड़े विषयों पर परामर्श देते हैं।
कम उम्र में चुनौती
प्रयाग भास्कर के लिए कम उम्र में लोगों का विश्वास जीतना चुनौतीपूर्ण रहा। लेकिन उन्होंने अपने अध्ययन और कार्यशैली के बारे में विस्तार से बताकर लोगों के साथ संवाद स्थापित किया।
भविष्य की योजनाएं
प्रयाग भास्कर का लक्ष्य अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार करना और अधिक लोगों तक पहुंच बनाना है। उनकी यात्रा एक व्यक्तिगत जिज्ञासा से शुरू हुई, जो अब पेशेवर प्रयासों में बदल गई है।
