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प्रयागराज में छात्रों का खून बेचने का मामला: आर्थिक तंगी का सामना

प्रयागराज में आर्थिक तंगी से जूझ रहे छात्रों द्वारा खून बेचने का मामला सामने आया है, जिससे समाज में चिंता का माहौल है। सपा सांसद डिंपल यादव ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा गरीबों का खून चूस रही है। छात्रों की इस गंभीर स्थिति के पीछे की वजहें और उनके अनुभव जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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प्रयागराज में छात्रों की आर्थिक स्थिति पर चिंता

प्रयागराज समाचार: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज सहित अन्य शहरों में आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे छात्रों द्वारा अपना खून बेचने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ये छात्र महंगी कोचिंग और अध्ययन सामग्री के लिए विभिन्न ब्लड बैंकों में अपना खून बेच रहे हैं। इस पर सपा सांसद डिंपल यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार गरीबों, महिलाओं और छात्रों का खून चूस रही है और इसे सत्ता से हटाया जाना चाहिए।


डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर एक प्रमुख समाचार पत्र के गुप्त जांच का वीडियो साझा करते हुए लिखा, "दुनिया में शायद ही किसी देश में ऐसा विकास मॉडल देखने को मिले, जहाँ उत्तर प्रदेश में गरीब परिवार का युवा पढ़ाई का खर्च जुटाने, त्योहार मनाने और घर चलाने के लिए अपना खून बेचने को मजबूर हो चुका हो। छात्रों, गरीबों और महिलाओं का खून पीने वाली भाजपा सरकार सत्ता से बेदखल हो!"


गुप्त जांच में सामने आई shocking जानकारी


एक समाचार वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह पता चला कि गरीब परिवारों के छात्र नीट-एसएससी की महंगी कोचिंग और हॉस्टल-मेस की फीस भरने के लिए महीने में दो से चार बार अपना खून बेचने को मजबूर हैं। एक रिपोर्टर ने प्रयागराज के राजापुर चौराहे पर स्थित इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (AMA) ब्लड बैंक पर जाकर छात्रों से बातचीत की।




चार छात्रों से बातचीत में यह सामने आया कि प्रयागराज में कई छात्र महंगी कोचिंग और अध्ययन सामग्री के लिए खून बेचकर पैसे जुटा रहे हैं। उन्हें ब्लड बैंक की प्रोसेसिंग फीस (1500 रुपए) चुकानी पड़ती है, जिससे उन्हें 5000 में से केवल 3500 रुपए मिलते हैं। ये छात्र पकड़े न जाएं, इसके लिए एक से अधिक ब्लड बैंकों पर जाते हैं और मरीजों से डील करते हैं। हालांकि, उनकी पढ़ाई या परिवार की आर्थिक मदद के लिए ऐसा करने की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।