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प्रयागराज में बारिश के बाद जलभराव की गंभीर स्थिति

प्रयागराज में हाल ही में हुई लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। 48 घंटे बाद भी कई सड़कों पर पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। करेली और जॉर्जटाउन जैसे पॉश इलाकों में भी जलभराव की समस्या देखी जा रही है। नगर निगम की प्रतिक्रिया और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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प्रयागराज में जलभराव की समस्या

प्रयागराज: लगातार बारिश के कारण प्रयागराज के कई क्षेत्रों में 48 घंटे बाद भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिन सड़कों पर सामान्यतः कुछ घंटों में पानी निकल जाता था, वहां अब दो दिन बाद भी लोग जलभराव का सामना कर रहे हैं। जॉर्जटाउन जैसे पॉश इलाकों की सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं। बारिश का प्रभाव करेली, गौसनगर, जेके आशियाना, गड्ढा कॉलोनी, करेलाबाग, मुंडेरा, मीरापट्टी, हरवारा, जाफरी कॉलोनी, रामबाग, टैगोरटाउन, अल्लापुर, बाघंबरी, बहादुरगंज, मुट्ठीगंज, लूकरगंज, काटजू रोड, राजरूपपुर, झलवा और साकेतनगर जैसे कई क्षेत्रों में देखा गया है। कई स्थानों पर घरों में फिर से पानी घुस गया है।


परिवारों की परेशानियाँ बढ़ी

रविवार से जलभराव का सामना कर रहे कई परिवारों को सोमवार और मंगलवार की रात भी राहत नहीं मिली। करेली के कुछ हिस्सों में पानी लगभग छह फीट तक पहुंच गया। घरों के बाहर खड़े वाहन और गैराज में रखे सामान पानी में डूब गए। कई परिवारों को रात जागकर बितानी पड़ी, जबकि सड़कें जलमग्न होने के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।


सीएमपी चौराहा, संगम पेट्रोल टंकी मार्ग, लिडिल रोड, सीवाई चिंतामणि रोड, भारती भवन लाइब्रेरी और बाई का बाग के बंगाली टोला में भी स्थिति खराब रही। लगातार बारिश के कारण पहले से जमा पानी नहीं निकल पाया और नई बारिश ने समस्याओं को और बढ़ा दिया।


प्रयागराज में बारिश के बाद जलभराव की गंभीर स्थिति


क्विक रिस्पांस टीम की कमी

शहर में नगर निगम के पास सफाई कर्मचारियों की संख्या तो है, लेकिन अचानक उत्पन्न हालात से निपटने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त स्टाफ और क्विक रिस्पांस टीम की व्यवस्था नहीं दिखाई दी। इसका परिणाम यह हुआ कि उन क्षेत्रों में भी पानी जमा होता गया जहां पहले ऐसी स्थिति कम ही देखने को मिलती थी।


यह सवाल उठ रहा है कि हर साल बारिश और जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद इस बार पानी की निकासी में इतनी देरी क्यों हुई। पिछले वर्षों में बारिश के कुछ घंटों बाद कई इलाकों से पानी निकल जाता था, लेकिन इस बार दो दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इससे प्रयागराज की जलनिकासी व्यवस्था और स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।