प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा
प्रशांत किशोर का चुनावी अभियान
पटना। बांकीपुर विधानसभा के उपचुनाव में जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक मोर्चा खोला है। रविवार को पार्टी कार्यालय में अपने उम्मीदवार के रूप में नामित होने के बाद, उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक विधानसभा सीट का मामला नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति की दिशा को निर्धारित करने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा को हराने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। प्रशांत किशोर ने पार्टी के सदस्यों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
बिहार में वैकल्पिक राजनीति की स्थापना
बिहार में वैकल्पिक राजनीति की स्थापना उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य रहा है और आने वाले दस वर्षों तक भी उनका लक्ष्य बिहार में वैकल्पिक राजनीति को स्थापित करना रहेगा। उन्होंने बांकीपुर से चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जन सुराज के आंदोलन को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम माना। उनके अनुसार, 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद जन सुराज के समर्थकों में कुछ निराशा आई थी, लेकिन बांकीपुर में जीत से बिहार में बदलाव की नई उम्मीद जगेगी।
जनता के आग्रह पर चुनावी मैदान में
प्रशांत किशोर ने कहा कि वे पिछले डेढ़ महीने से पार्टी कार्यकर्ताओं और बांकीपुर के मतदाताओं के आग्रह पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। लोगों का मानना था कि यदि बिहार में राजनीतिक बदलाव लाना है, तो उन्हें खुद चुनावी मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है, तो वे उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
उपचुनाव को जनमत संग्रह करार
प्रशांत किशोर ने इस उपचुनाव को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कार्यकाल का जनमत संग्रह बताया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर जनता का फैसला होगा। यदि भाजपा जीतती है, तो यह माना जाएगा कि जनता सरकार की नीतियों से संतुष्ट है। लेकिन यदि भाजपा हारती है, तो सरकार को अपनी कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार करना होगा।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर सवाल
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन उन्हें जनता ने सीधे इस पद के लिए नहीं चुना था। उन्होंने दावा किया कि बिहार का एक बड़ा वर्ग वर्तमान नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता। बांकीपुर की जनता को राजनीतिक रूप से सजग माना जाता है, इसलिए इस चुनाव में मतदाताओं के सामने सरकार की नीतियों का मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी है।
राजनीति की दिशा में बदलाव की अपील
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम से सरकार नहीं बदलेगी, लेकिन बिहार की राजनीति की दिशा और भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यदि वे बिहार की राजनीति में बदलाव चाहते हैं, तो जन सुराज के पक्ष में मतदान करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
