प्रह्लाद जोशी को मिला केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
प्रह्लाद जोशी की नई जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वह धमेंद्र प्रधान की जगह लेंगे, जिन्होंने NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के चलते अपने पद से इस्तीफा दिया।
प्रह्लाद जोशी का परिचय
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के बीजापुर में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हुबली में प्राप्त की और कला स्नातक की डिग्री श्री कदासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से हासिल की। राजनीति में आने से पहले वह व्यवसाय में सक्रिय थे।
राजनीतिक सफर
प्रह्लाद जोशी धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से पांच बार सांसद रह चुके हैं और 2004 से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने 2019 से 2024 तक संसदीय मामलों, कोयला और खान मंत्रालय का कार्यभार संभाला।
महत्वपूर्ण नियुक्ति
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब शिक्षा मंत्रालय पेपर लीक विवाद के कारण चर्चा में है। केंद्र सरकार ने पहले ही सुधारों की घोषणा की है, जिसमें NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने का प्रस्ताव शामिल है।
चुनौतियाँ
नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को इन सुधारों को लागू करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने और परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास बहाल करने की चुनौती का सामना करना होगा।
प्रह्लाद जोशी की उपलब्धियाँ
प्रह्लाद जोशी ने 2004 में धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के बीएस पाटिल को हराकर जीत हासिल की। उन्होंने लगातार तीन चुनाव जीते और 2019 में एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से फिर से जीत दर्ज की।
कैबिनेट में सफर
प्रह्लाद जोशी ने 30 मई 2019 को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली और संसदीय मामलों, कोयला और खान मंत्रालय का कार्यभार संभाला। 2024 के चुनावों के बाद उन्हें उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया।
RSS से जुड़ाव
प्रह्लाद जोशी ने अपने छात्र जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव रखा और बाद में पार्टी में शामिल हुए।
