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प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया

केंद्र सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। जोशी, जो पहले से उपभोक्ता मामले और खाद्य मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे थे, अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। जानें उनके राजनीतिक सफर और प्रमुख उपलब्धियों के बारे में।
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प्रह्लाद जोशी को मिली नई जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह निर्णय कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा किए गए 50 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया। अब प्रह्लाद जोशी, जो पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे थे, शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।


धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

न्यूज मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके बाद, प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया।


प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक करियर

प्रह्लाद जोशी, जो धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं, की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। वे 1962 में उत्तरी कर्नाटक के एक पारंपरिक ब्राह्मण परिवार में जन्मे और पांच बार सांसद रह चुके हैं। 2024 में उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में फिर से शामिल किया गया।


मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में, जोशी ने मई 2019 से जून 2024 तक संसदीय कार्य, कोयला और खान मामलों के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। 2004 से वे धारवाड़ लोकसभा सीट पर काबिज हैं और 2014 से 2016 तक कर्नाटक में बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं।


प्रह्लाद जोशी की पहचान

बीजेपी की वेबसाइट के अनुसार, प्रह्लाद जोशी 1992-1994 के बीच हुबली के इदगाह मैदान में तिरंगा झंडा फहराने के बाद एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे। उन्होंने 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' का नेतृत्व भी किया। पेशे से उद्योगपति, जोशी धारवाड़ में बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।