प्रॉपर्टी डीलर से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला: चौंकाने वाला खुलासा
खुद की जान को खतरे में डालने की झूठी साजिश
- गनमैन की मांग के नाम पर रची गई थी झूठी साजिश
- आईबी में तैनात एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया
- आपराधिक गैंग का नाम लेकर रंगदारी मांगी गई थी
रेवाड़ी समाचार: पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के नेतृत्व में जिला पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सीआईए धारूहेड़ा के इंचार्ज निरीक्षक योगेश हुड्डा की टीम ने प्रॉपर्टी डीलर से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सिकंदर, जो दिल्ली में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में कार्यरत था, ने अपने साथी के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया।
मामले का विवरण
जांचकर्ताओं के अनुसार, 15 जून को बीएमजी सिटी रेवाड़ी के निवासी सज्जन सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह पिछले 8 वर्षों से रेवाड़ी के पोसवाल चौक पर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे हैं। 2 जून 2026 को, जब वह अपने ऑफिस में थे, तब उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। व्यस्त होने के कारण उन्होंने कॉल नहीं उठाई।
फिर से उसी नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को एक आपराधिक गैंग का सदस्य बताते हुए 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर सज्जन सिंह और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। अगले दिन, आरोपी ने एक व्हाट्सएप ऑडियो मैसेज भेजकर धमकी को दोहराया। इस गंभीर मामले को देखते हुए थाना मॉडल टाउन में रंगदारी का मामला दर्ज किया गया।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
सीआईए धारूहेड़ा की टीम ने तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से 22 जून को आरोपी सिकंदर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया।
पूछताछ में सिकंदर ने बताया कि उसने सज्जन सिंह के कहने पर पुलिस सुरक्षा (गनमैन) प्राप्त करने के लिए यह साजिश रची थी। उसने अपने साथी संदीप राणा के साथ मिलकर यह योजना बनाई ताकि सज्जन सिंह की जान को खतरा साबित किया जा सके।
कानूनी कार्रवाई और चेतावनी
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने स्पष्ट किया कि पुलिस निष्पक्षता से जांच कर रही है और झूठी शिकायत देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को गुमराह करना या किसी निर्दोष का जीवन बर्बाद करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
