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फरीदकोट में पुलिस ने 12 किलो हेरोइन के साथ दो युवकों को पकड़ा

फरीदकोट जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को 12 किलो 221 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन कैसे पहुंची। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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फरीदकोट पुलिस की बड़ी कार्रवाई

फरीदकोट: फरीदकोट जिला पुलिस के सीआईए स्टाफ ने नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो युवकों को 12 किलो 221 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हेरोइन के अलावा एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दोनों के खिलाफ थाना सदर फरीदकोट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।


गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान तरनतारन जिले के गांव करमूंवाला निवासी सुदागर सिंह उर्फ घुल्ला और कवलजीत खान उर्फ कम्मू के रूप में हुई है। एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के निर्देश पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए स्टाफ फरीदकोट के इंचार्ज एसआई हाकम सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने गुरुवार रात अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे-54 पर गांव चंदबाजा के पास नाकाबंदी की थी।


इस दौरान, तलवंडी भाई की ओर से तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर दो युवक आते हुए दिखाई दिए। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो दोनों ने मोटरसाइकिल पीछे मोड़कर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उनका पीछा कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।


पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर बैठे कवलजीत खान उर्फ कम्मू के कंधे पर एक भारी किट बैग था। बैग में नशीले पदार्थ होने के संदेह पर पुलिस ने डीएसपी (डी) फरीदकोट अवतार सिंह राजपाल को मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में बैग की तलाशी लेने पर उसमें से हेरोइन के छह पैकेट बरामद हुए, जिनका कुल वजन 12 किलो 221 ग्राम था।


पुलिस ने हेरोइन को अपने कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ थाना सदर फरीदकोट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन आरोपियों तक कैसे पहुंची और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।


पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि उनसे पूछताछ कर हेरोइन की सप्लाई से जुड़े बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा सकें।