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फिजी में एचआईवी संक्रमण की बढ़ती दर पर स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा

फिजी में एचआईवी संक्रमण की दर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके चलते राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा की गई है। सरकार ने संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए रोकथाम, परीक्षण और उपचार के प्रयासों को तेज करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में एचआईवी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जानें इस संकट से निपटने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
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फिजी में एचआईवी संक्रमण की गंभीर स्थिति

सुवा- प्रशांत महासागर में स्थित फिजी में एचआईवी संक्रमण की दर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके चलते राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा की गई है। सरकार ने संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए रोकथाम, परीक्षण और उपचार के प्रयासों को तेज करने का निर्णय लिया है।


हाल के वर्षों में फिजी में एचआईवी संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, 2025 में नए एचआईवी मामलों की संख्या 2,016 रही, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1,583 था। इस प्रकार, एक वर्ष में नए मामलों में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा मंत्री डॉ. राटु एटोनियो लालाबालावु ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल और समन्वित कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिजी में एचआईवी संक्रमण के बढ़ने के कई कारण हैं, जैसे असुरक्षित यौन संबंध, नशीली दवाओं के लिए संक्रमित सुइयों का उपयोग, एचआईवी की सीमित जांच और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की कमी। मेथामफेटामाइन जैसी नशीली दवाओं के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इंजेक्शन के माध्यम से नशीली दवाओं का सेवन करने वालों के बीच संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है।


संयुक्त राष्ट्र की एड्स संबंधी एजेंसी यूएनएड्स के अनुसार, 2010 से 2025 के बीच फिजी में नए एचआईवी संक्रमणों की संख्या में लगभग 12 गुना वृद्धि हुई है। 2025 में अनुमानित 9,100 लोग एचआईवी के साथ जीवन यापन कर रहे थे, जिनमें से कई को अपने संक्रमित होने की जानकारी नहीं थी।


यूएनएड्स का कहना है कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की जांच और उपचार तक पहुंच बढ़ाना इस संकट से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक है। समय पर परीक्षण और एंटीरेट्रोवायरल उपचार से संक्रमित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। प्रभावी उपचार से शरीर में वायरस की मात्रा इतनी कम की जा सकती है कि वह परीक्षण में न दिखाई दे और यौन संपर्क के माध्यम से संक्रमण फैलने का खतरा समाप्त हो जाए।


फिजी सरकार ने एचआईवी की मुफ्त, स्वैच्छिक और गोपनीय जांच का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, संक्रमण की रोकथाम, उपचार और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार इंजेक्शन के माध्यम से नशीली दवाओं का उपयोग करने वालों के लिए सुई और सिरिंज उपलब्ध कराने के कार्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा, एचआईवी से बचाव के लिए प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस जैसी दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की योजना है।


फिजी सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए पांच मंत्रियों की एक कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है। यह समिति एचआईवी की रोकथाम और उपचार से संबंधित नीतिगत और व्यावहारिक बाधाओं को दूर करने के उपायों पर काम करेगी। यूएनएड्स की कार्यकारी निदेशक विनी बयानीमा ने फिजी के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति यह दर्शाती है कि दुनिया में एड्स का संकट समाप्त नहीं हुआ है और एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य सामाजिक संपर्क, जैसे हाथ मिलाना या गले मिलना, से संक्रमण नहीं फैलता। जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक भेदभाव को कम करना भी रोकथाम के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।