फिलीपींस में वायुसेना के दो विमान टकराए, चार पायलटों की मौत
दर्दनाक विमान हादसा
मनीला: शुक्रवार को फिलीपींस की वायुसेना के लिए एक गंभीर हादसा घटित हुआ। बातांगास प्रांत के लिपा सिटी में फर्नांडो एयर बेस पर नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दो SF-260 ट्रेनर विमानों के बीच टक्कर हो गई। इस भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप दोनों विमान एयर बेस के अंदर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिससे चारों पायलटों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना की पुष्टि करते हुए फिलीपीन एयरफोर्स ने गहरा शोक व्यक्त किया है और SF-260 विमानों की उड़ानों पर तुरंत रोक लगा दी है।
दुर्घटना का समय और स्थान
दोपहर 3:51 बजे हुआ हादसा
वायुसेना के प्रवक्ता कर्नल अल्विन जे. कैपिंगुइयन के अनुसार, यह दुर्घटना शुक्रवार को लगभग 3:51 बजे हुई। दोनों विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर थे जब उनका संतुलन बिगड़ गया और वे आपस में टकरा गए। यह टक्कर एयर बेस की चारदीवारी के भीतर हुई, जिससे बाहरी नागरिकों या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम और फायर टेंडर्स को मौके पर भेजा गया, लेकिन टक्कर की तीव्रता के कारण चारों पायलटों को बचाया नहीं जा सका। एयरफोर्स ने शोक संतप्त परिवारों की सहायता शुरू कर दी है और उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है।
SF-260 विमान की पृष्ठभूमि
इटली का लोकप्रिय ट्रेनर विमान
SF-260 कोई भारी लड़ाकू विमान नहीं है, बल्कि यह एक हल्का दो-सीटर पिस्टन इंजन ट्रेनर और लाइट अटैक एयरक्राफ्ट है। इसे 1960 के दशक में इटली के एरोनॉटिकल इंजीनियर स्टेलियो फ्राटी ने डिजाइन किया था और वर्तमान में लियोनार्डो कंपनी इसका निर्माण करती है। इसकी किफायती और हल्की संरचना के कारण कई विकासशील देशों में इसे कैडेट्स को बेसिक फ्लाइंग सिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इस विमान के साथ कई हादसे हुए हैं, जिससे इसकी सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।
जांच और सुरक्षा उपाय
सभी विमानों को ग्राउंडेड किया गया
फर्नांडो एयर बेस को फिलीपीन वायुसेना के लिए पायलट ट्रेनिंग का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। चार प्रशिक्षित पायलटों की असामयिक मृत्यु ने वायुसेना के मनोबल और प्रशिक्षण कार्यक्रम को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। एयरफोर्स ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है। जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या यह टक्कर मानवीय चूक, तकनीकी खराबी या एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ संचार में व्यवधान के कारण हुई। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हादसों के बाद पुराने विमानों पर निर्भरता को समाप्त कर बेड़े के आधुनिकीकरण की आवश्यकता है।
