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फीफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के चलते नेपाल फुटबॉल एसोसिएशन को निलंबित किया

फीफा ने ऑल नेपाल फुटबॉल एसोसिएशन को तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के कारण निलंबित कर दिया है। यह निर्णय नेपाली फुटबॉल के प्रशासन में चल रहे विवाद के बाद लिया गया है। निलंबन के चलते एएनएफए के प्रतिनिधि और क्लब अब किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा, एएनएफए को वित्तीय सहायता भी नहीं मिलेगी। जानें इस निलंबन के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभाव।
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फीफा का निलंबन निर्णय

लॉजेन: इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन फुटबॉल (फीफा) ने ऑल नेपाल फुटबॉल एसोसिएशन (एएनएफए) को तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के कारण तुरंत निलंबित कर दिया है।


यह निर्णय नेपाली फुटबॉल के प्रशासन में लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद लिया गया है। पहले, नेपाल की नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने एएनएफए को तीन महीने के लिए निलंबित किया था, लेकिन बाद में यह निर्णय वापस ले लिया गया। फीफा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि काउंसिल के ब्यूरो ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से संबंधित नियमों के उल्लंघन के कारण एएनएफए को निलंबित करने का निर्णय लिया है।


फीफा के सर्कुलर के अनुसार, 24 जून 2026 से एएनएफए ने फीफा नियमों के आर्टिकल 13 के तहत सभी सदस्यता अधिकार खो दिए हैं। इसका मतलब है कि एएनएफए के प्रतिनिधि और क्लब अब किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेंगे जब तक कि उनका निलंबन समाप्त नहीं होता।


इस निलंबन का परिणाम यह है कि नेपाल की राष्ट्रीय टीमें और क्लब अब फीफा और एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) द्वारा आयोजित किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगे। इसके साथ ही, एएनएफए और उसके सदस्यों को फीफा और एएफसी से वित्तीय सहायता भी नहीं मिलेगी।


फीफा ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबन के दौरान एएनएफए और उसके किसी भी सदस्य या अधिकारी को फीफा और एएफसी के विकास कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि जब तक एएनएफए पर निलंबन लागू है, तब तक उनके साथ किसी भी प्रकार का खेल संबंध नहीं रखा जाए। फीफा ने कहा कि काउंसिल का ब्यूरो या फीफा काउंसिल अगली फीफा कांग्रेस से पहले किसी भी समय इस निलंबन को समाप्त कर सकती है।


फीफा के नियमों के आर्टिकल 14 के अनुसार, किसी भी सदस्य संघ की जिम्मेदारियों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा सकती है, चाहे उसमें तीसरे पक्ष का प्रभाव शामिल हो। इसके तहत हर सदस्य संघ अपने सदस्यों की गंभीर लापरवाही या जानबूझकर किए गए गलत कार्यों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार माना जाएगा।