फ्रांस के स्कूल में छात्र द्वारा गोलीबारी की घटना, दो घायल
फ्रांस में स्कूल के अंदर गोलीबारी
फ्रांस। हाल ही में फ्रांस के ऑबेन शहर में एक स्कूल में गोलीबारी की घटना हुई है। 12 अक्टूबर को, जोसेफ-लाकानल मिडिल स्कूल में एक 14 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर शिकार करने वाली बंदूक से कई गोलियां चलाईं। इस हमले में स्कूल के हेडमास्टर और एक शिक्षिका घायल हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति को छर्रे लगने से हल्की चोटें आईं। इस घटना ने स्कूल में भय का माहौल पैदा कर दिया।
बंदूक गिटार कवर में छिपाकर लाया गया
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी छात्र ने बंदूक को गिटार के कवर में छिपाकर स्कूल में लाया था। सुबह लगभग 9 बजे, उसने पहली मंजिल पर गोली चलाई, जिससे हेडमास्टर और शिक्षिका के पैरों में चोटें आईं। इसके बाद, वह दूसरी मंजिल पर गया और वहां भी गोलियां चलाईं। एक गोली कक्षा में लगी, जिससे बोर्ड को नुकसान हुआ और कुछ छात्रों को छर्रों से मामूली चोटें आईं।
स्कूल के कर्मचारी ने छात्र को काबू किया
गोलीबारी के दौरान, स्कूल के एक कर्मचारी ने साहस दिखाते हुए आरोपी छात्र को काबू में किया और उसके हाथ से बंदूक छीन ली। इसके बाद, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, घायल हेडमास्टर और शिक्षिका की स्थिति गंभीर नहीं है और उनकी जान को खतरा नहीं है।
हत्या की कोशिश के आरोप में जांच शुरू
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, मार्सेई के अभियोजक कार्यालय ने हत्या की कोशिश के आरोप में जांच शुरू की है। रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी छात्र और उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्र ने बंदूक स्कूल में कैसे लायी और गोलीबारी का उद्देश्य क्या था। हालांकि, इस घटना के कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
छात्रों और शिक्षकों को मानसिक सहायता
घटना के तुरंत बाद, स्कूल के छात्रों, उनके परिवारों और शिक्षकों को मानसिक सहायता प्रदान करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर गेफ्रे और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्कूलों में हिंसा की घटनाओं की निंदा की है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस गोलीबारी को फ्रांस में चल रहे छात्र प्रदर्शनों से जोड़ने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
जांच का केंद्र
वर्तमान में, जांच का मुख्य केंद्र गोलीबारी के कारण, हथियार के स्रोत और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर है। इस घटना ने फ्रांस में शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ा दी है।
