फ्रांस में सरकारी ब्लड बैंक पर साइबर हमला: खून को 110 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करने की कोशिश
साइबर हमले का गंभीर मामला
नई दिल्ली - फ्रांस में एक गंभीर साइबर हमले की घटना सामने आई है। हैकर्स ने 1 नवंबर की रात सरकारी ब्लड बैंक के कोल्ड स्टोरेज सिस्टम में घुसने का प्रयास किया। उनका उद्देश्य फ्रीजर का तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस से बढ़ाकर 110 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाना था, जिससे खून और प्लाज्मा के नमूने नष्ट हो सकते थे। हालांकि, निगरानी और अलार्म सिस्टम ने समय पर खतरे का पता लगा लिया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। इस घटना की जानकारी सबसे पहले फ्रांस के साप्ताहिक अखबार 'ले कनार आंचेने' ने दी। रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स ने सिस्टम में प्रवेश के लिए पहले से निर्धारित डिफॉल्ट पासवर्ड का उपयोग किया।
प्लाज्मा के नमूनों की सुरक्षा
फ्रेंच ब्लड एस्टैब्लिशमेंट (ईएफएस) ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में रखे प्लाज्मा को एहतियात के तौर पर दूसरी सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया है। संस्था के अनुसार, फ्रीजर में लगे निगरानी उपकरणों और अलार्म सिस्टम ने तापमान में असामान्य बदलाव को तुरंत पकड़ लिया, जिसके बाद कर्मचारियों ने समय रहते आवश्यक कदम उठाए। ईएफएस फ्रांस की सरकारी रक्त सेवा है, जो देश के 1,900 से अधिक अस्पतालों को खून, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने का कार्य करती है।
हैकर्स का निशाना
हैकर्स ने ऐसे इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर को निशाना बनाया, जिनकी मदद से कोल्ड स्टोरेज और फ्रीजर का तापमान नियंत्रित किया जाता है। इन उपकरणों के माध्यम से तापमान की निगरानी के साथ-साथ दूर से सेटिंग भी बदली जा सकती है। कई सिस्टम इंटरनेट से जुड़े होते हैं, जिससे तकनीकी कर्मचारी दूर से उनकी जांच और मरम्मत कर सकते हैं। यह सुविधा साइबर हमलावरों के लिए सुरक्षा में सेंध लगाने का रास्ता बन सकती है।
साइबर सुरक्षा एजेंसी की चेतावनी
फ्रांस की सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-एफआर ने 12 अक्टूबर को रेफ्रिजरेशन कंट्रोलर पर संभावित साइबर हमलों के बारे में चेतावनी जारी की थी। एजेंसी के अनुसार, कई उपकरण सीधे इंटरनेट से जुड़े हुए थे और उनमें डिफॉल्ट पासवर्ड जैसी गंभीर सुरक्षा खामियां थीं। यदि उपयोगकर्ता इंस्टॉलेशन के बाद पासवर्ड नहीं बदलता, तो साइबर अपराधी पुराने पासवर्ड के जरिए सिस्टम तक पहुंच सकते हैं।
यूरोप में बढ़ते साइबर हमले
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब यूरोप के कई देशों में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर भी साइबर हमले हो रहे हैं। इन हमलों में हैकर्स ने दुकानों के फ्रीजर और कूलिंग सिस्टम का तापमान बढ़ा दिया था, जिससे खाद्य पदार्थों के खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया था। हाल ही में बेल्जियम, एस्टोनिया, स्वीडन और आयरलैंड के करीब 700 सुपरमार्केट भी ऐसे हमलों का शिकार हुए थे। अब सरकारी ब्लड बैंक को निशाना बनाने की कोशिश ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
