फ्रांस में साइबर हमले से सुपरमार्केट के फ्रिजों में आग, चार यूरोपीय देशों में हड़कंप
साइबर सुरक्षा पर बड़ा खतरा
पेरिस: हाल ही में फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में एक गंभीर साइबर सुरक्षा घटना सामने आई है। हैकरों ने सुपरमार्केट के स्मार्ट सिस्टम को हैक कर रातोंरात रेफ्रिजरेटरों का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ा दिया। इस हमले के कारण विभिन्न सुपरमार्केटों में लगभग 150 कनेक्टेड फ्रिजों में आग लग गई। पेरिस के अभियोजक कार्यालय ने पुष्टि की है कि प्रमुख खाद्य खुदरा विक्रेताओं के कनेक्टेड रेफ्रिजरेशन सिस्टम इस साइबर हमले का शिकार बने हैं।
रूसी कनेक्शन की जांच
4 यूरोपीय देशों में एक जैसी वारदात
फ्रांस के अलावा डेनमार्क, नीदरलैंड और बेल्जियम ने भी अपने यहां फ्रिजों को हैक किए जाने की घटनाओं की पुष्टि की है। इस समन्वित साइबर हमले के बाद यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि क्या इसके पीछे रूस समर्थित हैकिंग समूहों का हाथ है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और अन्य प्रभावित देशों से खुफिया जानकारी साझा की जा रही है।
सुपरमार्केट श्रृंखलाओं पर हमला
फ्रांस के 6 बड़े सुपरमार्केट बने निशाना
साइबर हमलावरों ने फ्रांस की छह प्रमुख सुपरमार्केट श्रृंखलाओं को एक साथ निशाना बनाया, जिनमें कैरेफोर, मोनोप्रिक्स, औचन, इंटरमार्चे और ई-लेक्लर्क शामिल हैं। ई-लेक्लर्क के कई स्टोर्स में एक साथ कनेक्टेड फ्रिजों के तापमान में छेड़छाड़ की गई। हालांकि, वित्तीय नुकसान और सुरक्षा चूक के बावजूद सुपरमार्केट कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
खाने की बर्बादी का संकट
फ्रिज को बना दिया 'ओवन'
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हैकरों ने सुपरमार्केट के केंद्रीय आईटी नेटवर्क में सेंध लगाकर रेफ्रिजरेशन सिस्टम को लगातार डीफ्रॉस्ट मोड में डाल दिया। इससे कूलिंग सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया और तापमान तेजी से बढ़कर 50 डिग्री के पार पहुंच गया। हैकरों का स्पष्ट उद्देश्य फ्रिजों को ओवन में बदलना और उनमें आग लगाना था। तकनीकी प्रयासों के बावजूद, सिस्टम लगभग 6 घंटे तक हैकरों के नियंत्रण में रहा, जिसके बाद खाद्य पदार्थों को संक्रमण और खराबी के डर से नष्ट कर दिया गया।
पुराने फर्मवेयर का खतरा
डैनफॉर्स ने किया खुलासा
डेनमार्क की प्रमुख कूलिंग उपकरण निर्माता कंपनी डैनफॉर्स ने बताया कि जिन रेफ्रिजरेशन यूनिट्स को हैक किया गया, वे पुराने फर्मवेयर वर्जन पर काम कर रही थीं। कंपनी ने कुछ महीने पहले सभी रिटेलर्स और ग्राहकों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के लिए अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसकी अनदेखी के कारण हैकरों ने सिस्टम में सेंध लगाने में सफलता प्राप्त की।
