बंगलूरू में सामूहिक हत्या का मामला: कैब ड्राइवर ने परिवार के सात सदस्यों की ली जान
बंगलूरू में सामूहिक हत्या की घटना
नई दिल्ली। कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में एक चौंकाने वाला सामूहिक हत्या का मामला सामने आया है। 45 वर्षीय कैब चालक शेखर, जिसे इंदुशेखर के नाम से भी जाना जाता है, ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी सहित परिवार के सात सदस्यों की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। नॉर्थ बेंगलुरू के डीसीपी ने पुष्टि की है कि आरोपी को पकड़ लिया गया है और उसने सात हत्याओं का दावा किया है। पुलिस अब इस मामले की सभी जानकारी एकत्रित कर रही है।
हत्याओं की योजना और पीड़ितों की पहचान
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने वैवाहिक विवाद और पत्नी के परिवार की दखलंदाजी के कारण यह कदम उठाया। शेखर ने अपने राजाजीनगर स्थित घर में दो दिनों के भीतर एक-एक कर सात लोगों को बुलाया और सिलबट्टे से उनकी हत्या कर दी। इसके बाद, कुछ शवों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाने का भी आरोप है।
हत्याकांड में मृतकों में उसकी पत्नी सुनीता, सास रूपावती, साले शिवकुमार और शंकर, परिवार की बहुएं दिव्या और नलिनी, और सात वर्षीय पुनीत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सभी को अलग-अलग समय पर अपने घर बुलाया और फिर उनकी हत्या कर दी। इस घटना में एक छोटे बच्चे की भी जान गई, जिसका शव चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास मिला।
शादी के 20 साल बाद विवाद
शुरुआती जांच से पता चला है कि शेखर और सुनीता की शादी लगभग 20 साल पहले हुई थी, लेकिन हाल के समय में उनके बीच विवाद चल रहा था। जब भी दोनों के बीच झगड़ा होता, सुनीता के परिवार के लोग हस्तक्षेप करते थे, जिससे शेखर नाराज था। इस नाराजगी के चलते उसने पत्नी के परिवार को निशाना बनाने की योजना बनाई। हालांकि, हत्या के पीछे की असली वजह और घटनाओं का क्रम पुलिस की जांच में स्पष्ट होगा।
पार्टी के बहाने हत्याएं
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने साले शिवकुमार और शंकर को पार्टी के बहाने बुलाया और उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी सास और अन्य परिवार की महिलाओं को भी निशाना बनाया। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने सबसे पहले अपनी पत्नी की हत्या की और फिर अन्य सदस्यों को। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्याएं किस क्रम में हुईं।
नलिनी की गुमशुदगी से खुला मामला
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब नलिनी लापता हो गई। उसकी मां ने जब काफी समय तक उसका कोई पता नहीं चला, तो उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और शेखर पर संदेह गहरा गया। पूछताछ के दौरान कई हत्याओं में उसकी संलिप्तता का पता चला।
बच्चे का शव बरामद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कुछ शवों को विभिन्न स्थानों पर छिपाने की कोशिश की थी। सात वर्षीय पुनीत का शव चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास मिला है। पुलिस अन्य शवों की जानकारी जुटाने में लगी है और उन स्थानों की पहचान कर रही है जहां उन्हें छिपाया गया हो सकता है।
