बद्रीनाथ धाम में स्नान के दौरान दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत
बद्रीनाथ धाम में दुखद घटना
चमोली: शुक्रवार की सुबह बद्रीनाथ धाम में एक दुखद घटना घटित हुई। तप्त कुंड में स्नान करते समय दो बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई। यह घटना सुबह लगभग 5 बजे हुई।
चमोली पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 63 वर्षीय प्रेमा देवी और 71 वर्षीय रामू देवी के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं राजस्थान की निवासी थीं।
सूत्रों के अनुसार, जब दोनों महिलाएं तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं, तभी वे अचानक बेहोश हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और मंदिर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी उम्र के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। यह भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है।
भौगोलिक दृष्टि से, यह धाम समुद्र तल से लगभग 3,133 मीटर की ऊंचाई पर नर और नारायण पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित है। यह भारत के चार धामों में से एक है।
नर और नारायण पर्वत श्रेणियां उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमालय क्षेत्र में स्थित दो प्रसिद्ध पर्वत शिखर हैं, जिनके बीच में पवित्र बद्रीनाथ धाम बसा हुआ है।
मंदिर के निकट एक प्राकृतिक गर्म पानी का कुंड है, जिसे तप्त कुंड कहा जाता है। मान्यता है कि मंदिर में दर्शन करने से पहले इस कुंड में स्नान करना पवित्र माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां स्नान करते हैं।
कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के कारण यह मंदिर साल में केवल छह महीने के लिए खुला रहता है। आमतौर पर मई से अक्टूबर तक श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आ सकते हैं, उसके बाद सर्दियों में मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
