बांग्लादेशी ग्रामीणों ने भारतीय किसानों का अपहरण, सीमा पर तनाव बढ़ा
नादिया में घुसपैठ की घटना
नादिया: भारत और बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाल ही में एक गंभीर घटना घटित हुई है। सीमा पार से घुसपैठ और दुस्साहसिक गतिविधियों ने सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक ऐसी वारदात हुई है, जिसने सभी को चौंका दिया है। यहां बांग्लादेशी ग्रामीणों की एक भीड़ ने भारतीय सीमा में घुसकर दो किसानों का अपहरण कर लिया। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह सवाल उठता है कि बांग्लादेशियों को इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा।
बीएसएफ की कार्रवाई से नाराज ग्रामीण
इस विवाद की शुरुआत मंगलवार सुबह हुई, जब मेहेरपुर के इच्छाखाली बॉर्डर के पास अब्दुल मन्नान नामक 70 वर्षीय बांग्लादेशी किसान कीटनाशक छिड़कने आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने उसे हिरासत में ले लिया। जैसे ही यह खबर मन्नान के परिवार और गांव वालों तक पहुंची, उनका गुस्सा बढ़ गया। मन्नान के पोते इब्राहिम खलीलउल्लाह ने बताया कि उन्होंने बीएसएफ से कई बार मिन्नतें कीं, लेकिन जब उनकी बात नहीं मानी गई, तो उन्होंने एक खतरनाक योजना बनाई।
भारतीय क्षेत्र में घुसकर किडनैपिंग
बांग्लादेशी ग्रामीणों ने अपने नागरिक की रिहाई के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से भारतीय सीमा में घुसकर दो भारतीय किसानों का अपहरण कर लिया। उन्होंने सचिन कर्मकार और नारायण देब को जबरन पकड़कर बांग्लादेश ले गए। अपहृत किसानों को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के हवाले कर दिया गया, जिससे सीमा पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
फ्लैग मीटिंग से सुलझा मामला
इस अपहरण की घटना के बाद दोनों देशों में हड़कंप मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, बीएसएफ और बीजीबी के अधिकारियों के बीच एक आपातकालीन फ्लैग मीटिंग बुलाई गई। लंबी बातचीत के बाद, दोनों पक्षों ने नागरिकों की अदला-बदली पर सहमति जताई। बीजीबी ने दोनों भारतीय किसानों को सुरक्षित रूप से बीएसएफ को सौंप दिया, जबकि बीएसएफ ने हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी किसान अब्दुल मन्नान को रिहा कर दिया। यह ध्यान देने योग्य है कि यह घटना महज एक हफ्ते में दूसरी बार हुई है। इससे पहले, जलपाईगुड़ी जिले में भी एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को पकड़े जाने के विरोध में बांग्लादेशियों ने एक भारतीय चाय किसान का अपहरण किया था।
