Newzfatafatlogo

बाराबंकी में गर्मी से 25 छात्राएं बेहोश, स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती

बाराबंकी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में गुरुवार को भीषण गर्मी के चलते 25 छात्राएं बेहोश हो गईं। इनमें से 18 को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद एसडीएम ने कॉलेज का दौरा किया और स्थिति की जांच की। कॉलेज में गर्मी से बचाव के लिए उचित इंतजाम न होने की बात सामने आई है। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 | 

गर्मी के कारण छात्राओं की तबीयत बिगड़ी

बाराबंकी। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC) में गुरुवार को अत्यधिक गर्मी और उमस के चलते 25 छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई। इनमें से 18 छात्राओं को बेहोश होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों की देखरेख में प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्राओं को खतरे से बाहर आने पर सुरक्षित घर भेज दिया गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम गुंजिता अग्रवाल पहले जीजीआईसी और फिर सीएचसी पहुंचीं।


स्कूल में गर्मी से बचाव के लिए उचित इंतजाम न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि जीजीआईसी में सुबह की प्रार्थना के बाद गर्मी के कारण कई छात्राओं की हालत बिगड़ गई थी। उन्हें तुरंत सीएचसी सतरिख ले जाया गया, जहां ग्लूकोज चढ़ाने के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई।


गर्मी और उमस के बीच राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC) सतरिख में गुरुवार की सुबह चीख-पुकार मच गई। प्रार्थना के बाद कक्षाओं में पहुंचते ही छात्राएं एक-एक कर बेहोश होने लगीं।


उमस से परेशान छात्राएं


घुटन भरे माहौल और तेज उमस से परेशान होकर लगभग 25 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें राहिला अंसारी, तेजस्विनी, लाइबा, लक्ष्मी, ज्योति, अंशु, निधि, प्रीती, पारुल, अनुष्का, कुमकुम, दिव्यांशी, शुभी, काजल, अनूसुइया, साबलीन, उन्नति और महक शामिल थीं। शिक्षकों ने तुरंत एंबुलेंस और अन्य वाहनों से उन्हें सीएचसी सतरिख में भर्ती कराया।


सुबह की प्रार्थना के बाद जब छात्राएं कक्षाओं में पहुंचीं, तो उमस और गर्मी से बेहाल होने लगीं। कक्षाओं में 60-60 बच्चों की भीड़ थी, लेकिन केवल चार पंखे लगे थे और बिजली नहीं थी। अचानक छात्राओं को जी मिचलाने, हाथ-पैर में दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी।


कुछ ही समय में 18 छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या संगीता चौधरी ने बताया कि कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से अन्य छात्राएं भी घबरा गईं, जिससे उनकी स्थिति भी बिगड़ गई। सभी को तुरंत सीएचसी भेजा गया, जहां इलाज के बाद सभी सामान्य हो गईं।


सोलर पैनल और जनरेटर की स्थिति


कॉलेज में कुल 639 छात्राएं पंजीकृत हैं, जिन्हें 12 कमरों में बैठाया जाता है। अधिक संख्या में छात्रों की उपस्थिति और वेंटिलेशन की कमी के कारण गुरुवार सुबह से ही इलाके में बिजली गुल थी। कॉलेज का जनरेटर महीनों से खराब है। इसके अलावा, कॉलेज की छत पर 2017 में लगाए गए सोलर पैनल अब तक केवल शो-पीस बने हुए हैं।


व्यवस्था में सुधार की योजना


डीआईओएस अमिता सिंह ने बताया कि छात्राओं के बीमार होने की सूचना पर तुरंत इलाज का प्रबंध किया गया। कॉलेज के खराब जनरेटर को ठीक कराने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। सोलर पैनल अब तक कनेक्ट क्यों नहीं हुए, इसकी जांच कराई जाएगी।


सुंदर लाल इंटर कॉलेज में भी छात्राएं बीमार


भीषण गर्मी का असर सुंदर लाल इंटर कॉलेज औरेला में भी देखने को मिला। यहां भी तीन छात्राओं की हालत उमस और गर्मी से बिगड़ गई। इससे कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। पानी के छीटें देकर छात्राओं को होश में लाने के बाद ग्लूकोज पिलाया गया। आराम मिलने के बाद तीनों को घर भेज दिया गया। कॉलेज प्रशासन इस पूरे मामले को दबाने में जुटा रहा।