बारिश के दौरान बिजली के तारों से सुरक्षा के उपाय
बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें
नई दिल्ली: मानसून के दौरान बारिश और नमी के कारण खुले बिजली के तार और उपकरण गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। अक्सर लोहे के खंभों, बालकनी की रेलिंग या गीली दीवारों में करंट उतरने से गंभीर हादसे हो सकते हैं। ऐसे में बच्चों और बड़ों को सही सुरक्षा उपायों और प्राथमिक उपचार की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना के समय खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखा जा सके।
हाथ से छूने में सावधानी बरतें
हाथ के बल छूने से जकड़ जाता है हाथ, हमेशा बरतें यह सावधानी
बिजली के उपकरणों या तारों के संपर्क में आने वाली संदिग्ध जगहों को कभी भी सीधे हाथ से छूने की गलती न करें। वैज्ञानिक रूप से करंट लगने पर मांसपेशियां अचानक सिकुड़ जाती हैं, जिससे हाथ सीधे तार या लोहे के ऑब्जेक्ट को कसकर जकड़ लेता है। यदि किसी संदिग्ध जगह की जांच करनी हो, तो हमेशा हाथ के पिछले हिस्से से हल्का स्पर्श करें। उल्टे हाथ से छूने पर मांसपेशियां सिकुड़ने पर भी हाथ पीछे की तरफ झटके से हट जाता है और चिपकने का जोखिम कम हो जाता है।
करंट लगने पर क्या करें
करंट लगने पर तुरंत मेन स्विच करें बंद
यदि घर या आसपास किसी व्यक्ति को करंट लग जाए, तो घबराने के बजाय सबसे पहले बिजली का मुख्य स्विच या एमसीबी बंद करें। यदि प्लग या बोर्ड पास में हो तो पावर कट करने से बिजली का प्रवाह तुरंत रुक जाएगा और पीड़ित को आसानी से अलग किया जा सकेगा।
सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें
सूखी लकड़ी और रबर की चप्पल का ही करें इस्तेमाल
यदि बिजली का स्रोत तुरंत बंद करना संभव न हो, तो करंट की चपेट में आए व्यक्ति को कभी भी नंगे हाथों से न छुएं। पीड़ित को करंट से अलग करने के लिए केवल पूरी तरह सूखी लकड़ी, बांस के डंडे या प्लास्टिक की वस्तु का ही प्रयोग करें। इसके अलावा बिजली से जुड़े किसी भी काम के दौरान पैरों में हमेशा सूखी रबर की चप्पल या जूते पहनना अनिवार्य है।
पीड़ित की देखभाल
पीड़ित को ठंडा पानी देने से बचें, गुनगुना पानी पिलाएं
करंट का झटका लगने के बाद व्यक्ति के शरीर का तापमान और रक्तसंचार प्रभावित होता है। ऐसे में पीड़ित को गलती से भी ठंडा पानी न दें, बल्कि हल्का गुनगुना पानी ही पीने को दें। यदि व्यक्ति को कंपकंपी या ठंड महसूस हो रही हो, तो उसे कंबल ओढ़ाकर शरीर को गर्म रखें। किसी भी गंभीर झटके या त्वचा पर जलने के निशान होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाकर चिकित्सीय सलाह लें।
