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बिहार कांग्रेस में बगावत: अखिलेश प्रसाद सिंह ने उठाई आवाज़

बिहार कांग्रेस में बगावत की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने पार्टी में अराजनीतिक लोगों की नियुक्ति और चुनाव से पहले अपने हटाए जाने का आरोप लगाया। अखिलेश का कहना है कि यदि वे अध्यक्ष होते, तो कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर होता। यह सब तब हो रहा है जब राहुल गांधी बिहार दौरे की तैयारी कर रहे हैं। जानें पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव के बारे में।
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बिहार कांग्रेस में बगावत: अखिलेश प्रसाद सिंह ने उठाई आवाज़

बिहार कांग्रेस में उठी बगावत की आवाज़


बिहार कांग्रेस में बगावत की लहर उठ चुकी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और प्रमुख नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी में अराजनीतिक व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी गई, जिसके कारण विधानसभा चुनाव में नुकसान हुआ। अखिलेश ने यह भी कहा कि चुनाव से पहले उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का भी पार्टी को नुकसान हुआ। उनका कहना है कि यदि वे अध्यक्ष होते, तो कांग्रेस केवल पांच सीटों पर नहीं सिमटती।


अखिलेश ने यह भी बताया कि उन्होंने अध्यक्ष रहते हुए चार सांसदों को जिताया था और विधानसभा में इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। यह सब तब हुआ है जब राहुल गांधी बिहार दौरे की तैयारी कर रहे हैं। राहुल 11 जुलाई को पटना में छात्रों से संवाद करेंगे।


पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश सिंह को हटाकर राजेश राम को अध्यक्ष और मोहन प्रकाश को हटाकर कृष्णा अल्लावरू को प्रभारी बनाया गया था। दोनों ने टिकट वितरण और चुनाव प्रचार में असफलता का सामना किया। अब राजेश राम को अध्यक्ष बने एक साल हो गया है, लेकिन वे अभी तक प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं और न ही कार्यकारिणी का गठन हुआ है। यह स्थिति पिछले आठ वर्षों से बनी हुई है, जबकि चार अध्यक्ष बदले गए हैं। राहुल गांधी को यदि इस मुद्दे पर ध्यान देना है, तभी उनके किसी भी राजनीतिक अभियान का कांग्रेस को लाभ मिल सकेगा।