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बिहार में 21 दिन बाद लापता बच्चे का शव तालाब से मिला, साइबर ठगों ने लिया था फिरौती

बिहार के मधुबनी जिले में एक 6 वर्षीय बच्चे का शव 21 दिन बाद तालाब से बरामद हुआ। बच्चे के लापता होने के बाद उसके माता-पिता को साइबर ठगों ने फिरौती के लिए धमकाया था। इस घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ दी है। पुलिस अब हत्या और साइबर फ्रॉड दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। जानें इस दर्दनाक घटना के बारे में विस्तार से।
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बिहार में 21 दिन बाद लापता बच्चे का शव तालाब से मिला, साइबर ठगों ने लिया था फिरौती

दर्दनाक घटना से गांव में छाया मातम

मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले के बिस्फी से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। छछूआ उत्तरवारी टोल के निवासी अनिल कुमार साह का 6 वर्षीय इकलौता बेटा, अधिकांश कुमार, पिछले 21 दिनों से लापता था। यह आशंका जताई जा रही है कि वह इस दौरान जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करता रहा, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। जब बच्चे का शव घर के निकट एक तालाब से मिला, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।


साइबर ठगों ने बेबस माता-पिता को बनाया शिकार

बच्चे के लापता होने के बाद इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, लेकिन इससे भी अधिक शर्मनाक घटना तब हुई जब साइबर ठगों ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाया। बच्चे के गायब होने के तीसरे दिन, ठगों ने पिता को फोन कर धमकी दी कि बच्चा उनके पास सुरक्षित है और यदि वे उसे जिंदा देखना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत 30 हजार रुपये भेजने होंगे। बेटे की जान बचाने की उम्मीद में, पिता ने कर्ज लेकर ठगों के बताए बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन फिरौती के बाद भी बच्चे को नहीं लौटाया गया।


21 दिन बाद केवल लाश मिली

माता-पिता ने 21 दिनों तक अपने दरवाजे पर बच्चे की राह देखी, लेकिन जब उन्हें केवल उसके शव का सामना करना पड़ा, तो उनकी आंखें पथरा गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मधुबनी सदर अस्पताल भेज दिया। हालांकि, शव की स्थिति इतनी खराब थी कि डॉक्टरों ने उसे डीएमसीएच (DMCH) दरभंगा में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार ठगों द्वारा दिए गए झूठे आश्वासन का जिक्र कर रहे हैं।


पुलिस ने हत्या और फ्रॉड दोनों एंगल से शुरू की जांच

इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय जिला पार्षद के पति मोहम्मद अशरफ ने इसे इंसानियत का कत्ल बताया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस जघन्य हत्या के दोषियों और साइबर ठगों के गिरोह को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय और मुआवजा दिया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब हत्या और साइबर फ्रॉड, दोनों ही पहलुओं से जांच कर रही है ताकि मासूम के गुनहगारों को सजा दिलाई जा सके।