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बिहार में NEET UG परीक्षा में नकल का बड़ा मामला, 30 गिरफ्तार

बिहार के लखीसराय जिले में NEET UG री-एग्जाम के दौरान नकल और धांधली का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 9 ऐसे लोग शामिल हैं जो दूसरों के लिए परीक्षा देने आए थे। पुलिस और प्रशासन ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की, जिससे कई नकलचियों को पकड़ा गया। इस मामले में अर्पित राज नामक छात्र को मुख्य सरगना माना जा रहा है। जांच के दौरान और भी कई लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
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बिहार में NEET UG परीक्षा में नकल का बड़ा मामला, 30 गिरफ्तार

लखीसराय में नकल और धांधली का खुलासा

बिहार के लखीसराय जिले में NEET UG री-एग्जाम के दौरान नकल और धांधली की एक बड़ी घटना सामने आई है। जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर 30 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से 9 ऐसे थे जो दूसरों के लिए परीक्षा देने आए थे। पुलिस और प्रशासन की टीम ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की, जिससे कई नकलचियों को पकड़ा गया।


गिरफ्तार किए गए नकलची

KRK हाई स्कूल से 1, केंद्रीय विद्यालय से 7 और हसनपुर स्कूल से 1 नकलची को पकड़ा गया। ये सभी आरोपी विभिन्न जिलों से आए थे। 9 नकलचियों के अलावा, 21 अन्य व्यक्तियों को भी धांधली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। SDM प्रभाकर कुमार और SDPO शिवम कुमार की टीम इनसे पूछताछ कर रही है।


पुलिस की कार्रवाई

पूछताछ के आधार पर पुलिस कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को संदेह है कि इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पूरी गैंग का खुलासा जांच के बाद ही संभव है, और इसके तार कई प्रमुख हस्तियों तक जा सकते हैं।


पेपर सॉल्वर गैंग का सरगना

अर्पित राज को इस गैंग का मुख्य सरगना माना जा रहा है। वह ANMMCH गया का छात्र है। मयंक कश्यप और पूनम कुमारी भी गिरफ्तार की गई हैं। पूनम BHU से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं और वह मधुप्रिया के नाम से परीक्षा देती हुई पकड़ी गई हैं। सौरभ झा, जो AIIMS का छात्र था, को भी गिरफ्तार किया गया है।


अर्पित राज का विवाद

अर्पित राज पहले भी विवादों में रहा है। साल 2024 में CBI ने उससे पूछताछ की थी। उसका नाम पहले भी NEET परीक्षा में सामने आ चुका है।


सवाल उठने लगे हैं

लखीसराय में 9 अभ्यर्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया है। बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है। मयंक नाम के छात्र की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों के नामों का खुलासा हुआ। परीक्षा के दौरान छात्रों के सॉल्वर बनने पर रोक लगाने के लिए सभी इंतजाम किए गए थे।


कैसे हुआ खुलासा?

विभाग को जानकारी मिली थी कि कुछ बाहरी जिलों से डमी कैंडिडेट परीक्षा देने आ रहे हैं। पुलिस और शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ाई, जिसके बाद कुछ लोगों को रोका गया। एक जालसाज की गिरफ्तारी से पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।