बिहार में नाबालिग छात्रा के मामले में मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद
मुख्यमंत्री की पोस्ट से उठे सवाल
डिजिटल डेस्क। बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी के मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पीड़िता और उसके परिवार के साथ एक तस्वीर अपने आधिकारिक हैंडल पर साझा की, जिसे बाद में हटा दिया गया। लेकिन तब तक उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट वायरल हो चुका था। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पोस्ट को लेकर सवाल उठाए हैं। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पुलिस ने पहले ही नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप में लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ FIR दर्ज की है।
तेजस्वी यादव की कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए आरोप लगाया कि इससे नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हो रही है। उन्होंने POCSO एक्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और कार्रवाई की मांग की। RJD ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR की मांग की है, लेकिन रिपोर्टों में सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
पहचान उजागर करने के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
जमुई पुलिस ने पहले ही पहचान उजागर करने वाली सामग्री के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि इन प्रोफाइल से ऐसा वीडियो प्रसारित किया गया, जिससे नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हो सकती थी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे वीडियो को आगे न शेयर करें।
POCSO एक्ट की धारा 23 का महत्व
POCSO एक्ट की धारा 23 के तहत बच्चे की पहचान सार्वजनिक करने पर रोक है। कानून के अनुसार, किसी भी मीडिया रिपोर्ट में बच्चे का नाम, पता, तस्वीर या अन्य जानकारी प्रकाशित नहीं की जा सकती, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके। इस धारा के उल्लंघन पर छह महीने से एक साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है।
किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74
किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 74 भी बच्चे की पहचान उजागर करने पर रोक लगाती है। इसके तहत किसी बच्चे की पहचान बताने वाली जानकारी के साथ उसकी तस्वीर प्रकाशित करने पर रोक है। उल्लंघन होने पर छह महीने तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।
मुख्यमंत्री की पोस्ट पर कार्रवाई का सवाल
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री प्रसारित करने के आरोप में 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर FIR हो चुकी है, तो मुख्यमंत्री की पोस्ट को लेकर पुलिस या किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा क्या कदम उठाया जाएगा। फिलहाल, सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। तेजस्वी यादव और RJD की ओर से कार्रवाई की मांग की गई है, जबकि यह तय करना होगा कि तस्वीर से कानूनी तौर पर पहचान उजागर हुई या नहीं।
