बिहार सरकार ने भरत तिवारी के परिवार को नौकरी और आर्थिक सहायता देने का किया ऐलान
भरत तिवारी मामले में बड़ा निर्णय
भरत तिवारी केस: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मृत्यु हो गई। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जबकि विपक्षी दलों ने सम्राट चौधरी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'न्यायिक जांच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करेगी।'
न्यायिक जाँच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 13, 2026
घटना का विवरण
17 जून को भरत भूषण तिवारी का पुलिस द्वारा एनकाउंटर किया गया था। पुलिस का दावा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई, लेकिन इस घटना का फेसबुक पर लाइव वीडियो सामने आया, जिसमें भरत तिवारी को पुलिस की ओर हथियार फेंकते हुए देखा गया। इस वीडियो के बाद एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे थे, और विपक्षी नेताओं ने सम्राट चौधरी सरकार पर तीखा हमला किया था।
