Newzfatafatlogo

बीजेपी विधायक प्रेम सागर पटेल पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के बीजेपी विधायक प्रेम सागर पटेल पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगे हैं। उप लोक आयुक्त कार्यालय ने विधायक को 25 नवंबर 2026 तक अपनी सफाई पेश करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, जिससे इस बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हो सके।
 | 

प्रेम सागर पटेल की मुश्किलें बढ़ीं

लखनऊ/महाराजगंज। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की विधानसभा सीट 317 (सिसवा) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक प्रेम सागर पटेल पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और चुनावी हलफनामे में वित्तीय जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगे हैं। उत्तर प्रदेश उप लोक आयुक्त कार्यालय ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए विधायक को निर्देश दिया है कि वे 25 नवंबर 2026 से पहले अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज और शपथ पत्र प्रस्तुत करें।


आरोपों का विवरण

यह कार्रवाई कुशीनगर जिले के निवासी मुकेश द्वारा दायर शिकायत के आधार पर की जा रही है। मुकेश ने 18 जनवरी 2024 को विधायक के खिलाफ ठोस सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी।


चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाना

शिकायत में कहा गया है कि विधायक ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अपने नामांकन पत्रों में अपनी वास्तविक आय को छिपाया। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2016-17 और 2020-21 के वित्तीय विवरणों में हेराफेरी की।


बेनामी संपत्तियों का मामला

शिकायत में यह भी कहा गया है कि विधायक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां और प्लॉट खरीदे, जिनका उल्लेख उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया।


परिवार की संलिप्तता

आरोप है कि विधायक ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपने बेटे और पत्नी के नाम पर सरकारी ठेके दिलवाए, जो पूरी तरह से गोपनीय रखा गया।


फर्जी ट्रस्ट का मामला

शिकायत के अनुसार, विधायक ने 2015 में एक फर्जी ट्रस्ट स्थापित किया, जिसका उपयोग अवैध धन उगाही के लिए किया जा रहा है। इस ट्रस्ट के माध्यम से भारी वित्तीय हेराफेरी की जा रही है।


लोक आयुक्त कार्यालय की कार्रवाई

लोक आयुक्त कार्यालय ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर इसे गंभीर भ्रष्टाचार की श्रेणी में रखा है। विधायक को 25 नवंबर 2026 तक अपनी सफाई पेश करने का अल्टीमेटम दिया गया है।


स्वतंत्र जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है ताकि इस बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हो सके। इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी परिवाद दायर किया गया है, जिसकी सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को होगी।