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बुर्ज खलीफा की खिड़कियों की सफाई: एक चुनौतीपूर्ण कार्य

बुर्ज खलीफा की खिड़कियों की सफाई एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें 24,348 खिड़कियों का ध्यान रखा जाता है। इस कार्य में विशेष मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। तेज हवा और गर्मी जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए, ये कर्मचारी सैकड़ों मीटर की ऊंचाई पर सफाई करते हैं। जानें इस अद्वितीय कार्य की पूरी प्रक्रिया और इसके पीछे की मेहनत।
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बुर्ज खलीफा की खिड़कियों की सफाई

बुर्ज खलीफा की सफाई: बुर्ज खलीफा में लगभग 24,348 खिड़कियां हैं, जिनका कुल ग्लास क्षेत्रफल लगभग 1.2 लाख वर्ग मीटर है। इतनी विशाल सतह की सफाई करना अपने आप में एक चुनौती है। इसके लिए विभिन्न हिस्सों में विशेष मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की सहायता ली जाती है। इमारत के कुछ हिस्सों में 1,500 किलो वजन वाली बकेट मशीनें ट्रैक पर चलती हैं, जिनमें कर्मचारी बैठकर खिड़कियों की सफाई करते हैं। जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, सफाई की विधि भी बदल जाती है।

109वीं मंजिल के ऊपर क्रैडल्स का उपयोग किया जाता है, जबकि इमारत के सबसे ऊंचे हिस्सों और स्पायर तक पहुंचने के लिए विशेषज्ञ कर्मचारी रस्सियों के सहारे नीचे उतरते हैं। ऐसे स्थानों पर सामान्य मशीनों से सफाई करना संभव नहीं होता।

 

 


तेज हवा और गर्मी की चुनौतियाँ

इतनी ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा खतरा केवल गिरने का नहीं है। तेज हवा भी कार्य को बेहद कठिन बना सकती है। सफाई कार्य शुरू करने से पहले मौसम और हवा की स्थिति की जांच की जाती है, और यदि तेज हवा होती है, तो कार्य रोक दिया जाता है।

दुबई की गर्मी भी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। काम के दौरान उन्हें विशेष कपड़े पहनने होते हैं और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स का सेवन करना पड़ता है। कार्य को इस तरह से योजनाबद्ध किया जाता है कि तेज धूप का प्रभाव न्यूनतम हो।


सफाई में लगने वाला समय

बुर्ज खलीफा की बाहरी सफाई एक दिन का कार्य नहीं है। पुरानी रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्य के लिए लगभग 36 कर्मचारियों की टीम लगती है और पूरी प्रक्रिया में 3 से 4 महीने का समय लग सकता है। इन कर्मचारियों को ऊंचाई पर काम करने, रस्सियों के सहारे उतरने, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

इस प्रकार, बुर्ज खलीफा की चमक के पीछे केवल आधुनिक मशीनें नहीं हैं, बल्कि उन कर्मचारियों की मेहनत भी है जो सैकड़ों मीटर की ऊंचाई पर जान जोखिम में डालकर इस इमारत को साफ-सुथरा रखते हैं।