Newzfatafatlogo

बेंगलुरु में पत्नी की हत्या: पति ने रची आत्महत्या की साजिश

बेंगलुरु के बिलेकाहल्ली में एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर आत्महत्या का नाटक रचा। रंजीत कुमार गुप्ता ने गुंजा मद्धेशिया की बेरहमी से हत्या की और उसके चेहरे पर खौलता तेल डालकर पहचान मिटाने की कोशिश की। पुलिस की जांच में उसकी झूठी कहानी का पर्दाफाश हुआ। जानिए इस दिल दहला देने वाली घटना के बारे में विस्तार से।
 | 

खौफनाक वारदात का खुलासा


नई दिल्ली: बेंगलुरु के बिलेकाहल्ली क्षेत्र में 16 सितंबर को एक भयावह घटना ने सभी को चौंका दिया। पिछले कुछ महीनों से चल रही तकरार और फोन न उठाने के संदेह ने एक खुशहाल परिवार को बर्बाद कर दिया। बिहार से काम की तलाश में आए रंजीत कुमार गुप्ता (40) ने अपनी पत्नी गुंजा मद्धेशिया (38) की निर्मम हत्या कर दी। इसके साथ ही, अपनी इस क्रूरता को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसने खौलते तेल का भी इस्तेमाल किया।


हत्या की योजना और क्रूरता

साजिश की सुबह और दुपट्टे से घोंटा गला


घटना के दिन सुबह लगभग 9:30 बजे, रंजीत ने काम पर जाने का नाटक किया और घर से बाहर निकल गया। जब बच्चे स्कूल जा चुके थे, तब वह चुपचाप वापस लौटा। गुंजा से बहस के दौरान, उसने मौका पाकर पत्नी का गला दुपट्टे से घोंट दिया।


आत्महत्या का नाटक

चेहरा झुलसाने के बाद रचा आत्महत्या का ड्रामा


आरोपी ने अपनी दरिंदगी यहीं खत्म नहीं की। दोपहर करीब 3 बजे, वह फिर से घर आया और रसोई में खाना पकाने का तेल उबालकर अपनी पत्नी के चेहरे पर डाल दिया, ताकि पहचानना मुश्किल हो जाए और पुलिस इसे आत्महत्या समझे। जब उसे लगा कि चेहरा पूरी तरह से नहीं जल पाया है, तो उसने दरवाजा बंद कर दिया और फिर से काम पर चला गया। शाम को लौटने पर, उसने पड़ोसियों के सामने रोने का नाटक किया और पत्नी की आत्महत्या की झूठी कहानी बनाई।


पुलिस की जांच में खुलासा

कड़ाई से पूछताछ में खुली पोल


रात करीब 8 बजे, मकान मालिक ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। जब पुलिस इंस्पेक्टर नटराज डीएन और उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो रंजीत के बयानों में विरोधाभास नजर आया। मकान मालिक ने बताया कि दोनों के बीच लंबे समय से झगड़े चल रहे थे। जब पुलिस ने रंजीत से कड़ी पूछताछ की, तो उसकी कहानी टूट गई। उसने स्वीकार किया कि बेंगलुरु आने के बाद से उनकी अनबन चल रही थी और पत्नी द्वारा फोन न उठाना उसके गुस्से का मुख्य कारण बना। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि उनके बच्चों को रिश्तेदारों के पास सुरक्षित रखा गया है।