बेंगलुरु में पूर्व हॉकी कप्तान एमएम सोमाया के घर चोरी, ऐतिहासिक पदक और गहने गायब
चोरी की घटना से हड़कंप
बेंगलुरु: भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन एमएम सोमाया के निवास पर एक गंभीर चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर 1980 के मॉस्को ओलंपिक में जीते गए स्वर्ण पदक, एशियाई खेलों और चैंपियंस ट्रॉफी के अन्य महत्वपूर्ण पदकों के साथ-साथ लगभग 3.53 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चुरा ली। यह घटना तब हुई जब 67 वर्षीय सोमाया अपने परिवार के साथ कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग) में थे। इस चोरी ने पुलिस प्रशासन में हलचल मचा दी है।
पड़ोसी ने देखा खुला दरवाजा, CCTV में चोरों की पहचान
पड़ोसी की सतर्कता: सोमाया 26 अक्टूबर को अपने परिवार के साथ कोडागु गए थे। 28 अक्टूबर की रात अज्ञात चोरों ने उनके घर को निशाना बनाया। अगले दिन सुबह, सोमाया के पड़ोसी नारायण ने देखा कि मुख्य दरवाजा टूटा हुआ है और तुरंत सोमाया को सूचित किया। पड़ोसी के घर के CCTV फुटेज में रात 2:34 बजे दो संदिग्ध व्यक्ति घर में प्रवेश करते हुए दिखाई दिए। इनमें से एक नीली और दूसरा लाल शर्ट पहने हुए था। दोनों ने दरवाजे का ताला तोड़कर अलमारियों और लॉकरों की तलाशी ली।
महत्वपूर्ण खेल पदकों की चोरी
चोरी गए सामान: पुलिस में दर्ज FIR के अनुसार, चोरों ने खेल जगत की अनमोल उपलब्धियों को चुरा लिया है, जिनकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती। चोरी में 1980 के मॉस्को ओलंपिक का स्वर्ण पदक, 1982 के एशियाई खेलों का रजत पदक, 1986 के सियोल एशियाई खेलों का कांस्य पदक और 1982 में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी का कांस्य पदक शामिल है।
कीमती सामान और नकदी भी गायब
अन्य चोरी का सामान: चोरों ने सोने-चांदी के बर्तनों और नकदी पर भी हाथ साफ किया। चोरी गए सामान में 72-72 ग्राम के दो चांदी के कप, 10 ग्राम सोने की चूड़ी, 200 ग्राम वजनी चांदी के छह चम्मच, 80 ग्राम का चांदी का बर्तन, 8 ग्राम का सोने का सिक्का और 30,000 रुपये की नकद राशि शामिल है। पुलिस के अनुसार, चुराए गए सामान का कुल मूल्य लगभग 3.53 लाख रुपये है।
पुलिस ने विशेष टीमें गठित कीं
पुलिस कार्रवाई: एमएम सोमाया ने पुलिस से अपील की है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और चोरी गए ऐतिहासिक पदकों को वापस लाया जाए। बेंगलुरु के इंदिरानगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने CCTV फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर चोरों का पता लगाने के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है।
