बेटियों ने पिता के अंतिम संस्कार में दिखाई बेरुखी, वीडियो कॉल पर किया अंतिम संस्कार
पिता की अंतिम विदाई में बेटियों की अनुपस्थिति
तीन में से एक बेटी भी नहीं आई पिता को अग्निभेंट करने, आॅनलाइन रुपए ट्रांसफर करके कहा सभी काम अच्छे से करवा देना
सोनीपत : सोनीपत में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जो रिश्तों की वास्तविकता को उजागर करता है। मुंबई के पूर्व प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का हाल ही में निधन हो गया। उनकी मृत्यु की सूचना मिलने पर आश्रम प्रबंधन ने उनकी तीनों बेटियों को सूचित किया।
आश्रम के प्रबंधकों को तब आश्चर्य हुआ जब बेटियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से मना कर दिया। इस स्थिति ने न केवल प्रबंधन को चौंकाया, बल्कि समाज में भी इस घटना की चर्चा होने लगी।
तीन साल से वृद्धाश्रम में रह रहे थे गुप्ता
जानकारी के अनुसार, व्यापार में नुकसान और उम्र के कारण गुप्ता पिछले तीन वर्षों से अपनी पत्नी के साथ वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनकी पत्नी का भी दो साल पहले निधन हो गया था।
आॅनलाइन भेजे 5100 रुपए
आश्रम के संचालक आनंद कुमार ने बताया कि बेटियों ने अंतिम संस्कार के लिए 5100 रुपए ऑनलाइन भेजे और वीडियो कॉल के माध्यम से प्रक्रिया देखने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।
फोन पर जानकारी लेती रही बेटी
आनंद कुमार ने बताया कि अंतिम संस्कार के दौरान भी बेटियों ने फोन पर जानकारी ली। जब चिता को अग्नि दी जा रही थी, तब उन्होंने पूछा कि प्रक्रिया में कितना समय लगेगा।
कमाई का बड़ा हिस्सा बेटियों पर खर्च किया
शिवचरण रामरत्न गुप्ता का नाम कभी कपड़ों के बड़े व्यापारियों में शामिल था। उन्होंने अपनी बेटियों की शिक्षा और शादी पर अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च किया।
