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बैंक ऑफ अमेरिका पर मनी लॉन्ड्रिंग नियमों के उल्लंघन का 1.2 अरब डॉलर का जुर्माना

बैंक ऑफ अमेरिका को मनी लॉन्ड्रिंग नियमों के उल्लंघन के लिए 1.2 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस कार्रवाई के पीछे गंभीर सुरक्षा खतरों का हवाला दिया है, जिसमें चीनी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और आतंकवाद से जुड़े लेन-देन शामिल हैं। बैंक ने अपनी विफलताओं को स्वीकार किया है और वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए अरबों डॉलर खर्च करने का वादा किया है। यह जुर्माना अमेरिकी इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा है, जो वित्तीय संस्थानों के लिए एक कड़ा संदेश है।
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अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की कड़ी कार्रवाई

वाशिंगटन: अमेरिका के प्रमुख वित्तीय संस्थानों में से एक, बैंक ऑफ अमेरिका, को नियमों की गंभीर अनदेखी के कारण भारी जुर्माना भुगतना पड़ा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानूनों के जानबूझकर उल्लंघन के लिए बैंक पर 1.2 अरब डॉलर (लगभग 10,000 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता के मामले में कोई भी संस्था कानून से ऊपर नहीं है।


बैंक सीक्रेसी एक्ट का उल्लंघन

बैंक सीक्रेसी एक्ट का उल्लंघन स्वीकारा, पूरे वित्तीय ढांचे पर मंडराया था खतरा
अमेरिकी ट्रेजरी के सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब बड़े बैंक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल होते हैं, तो इससे पूरे अमेरिकी वित्तीय तंत्र में अवैध पूंजी के प्रवाह का खतरा उत्पन्न होता है। जांच में यह पाया गया कि बैंक ने 1970 के बैंक सीक्रेसी एक्ट का जानबूझकर उल्लंघन किया, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लेन-देन पर रोक लगाने के लिए बनाया गया था। बैंक ऑफ अमेरिका ने अपनी इस गंभीर विफलता को स्वीकार कर लिया है।


गंभीर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा खतरों से जुड़ी कार्रवाई

चीनी सिंडिकेट से लेकर आतंकी फंडिंग तक अनदेखी, OFAC ने भी लगाया जुर्माना
यह कार्रवाई केवल तकनीकी खामियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गंभीर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा खतरों का भी हाथ है। ट्रेजरी विभाग के अनुसार, बैंक ने चीनी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और दक्षिण-पश्चिम सीमा पर सक्रिय अवैध सिंडिकेट्स के संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग जानबूझकर छिपाई। इसके अलावा, विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने ईरान, रूस, मादक पदार्थों की तस्करी और वैश्विक आतंकवाद से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में बैंक के साथ 11.6 मिलियन डॉलर का अलग से समझौता किया है।


OCC के इतिहास में सबसे बड़ा जुर्माना

OCC के इतिहास की सबसे बड़ी पेनल्टी, बैंक ने दी सफाई
इस जुर्माने की कुल राशि में से 750 मिलियन डॉलर सीधे संघीय बैंक नियामक 'ऑफिस ऑफ द कॉम्प्ट्रोलर ऑफ द करेंसी' (OCC) के खाते में जाएंगे, जो इस एजेंसी के इतिहास का सबसे बड़ा जुर्माना है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद बैंक ऑफ अमेरिका ने एक बयान जारी कर कहा कि वे वित्तीय अपराधों की रोकथाम के प्रति गंभीर हैं। बैंक ने बताया कि सिस्टम की कमियों को सुधारने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए गए हैं और हजारों अतिरिक्त कर्मचारियों को निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तैनात किया गया है।


अमेरिकी इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा वित्तीय दंड

बाइनेंस और टीडी बैंक के बाद अमेरिकी इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा एक्शन
ट्रेजरी विभाग के इतिहास में यह अब तक का तीसरा सबसे बड़ा वित्तीय दंड है। इससे पहले, 2023 में दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस पर लगभग 4 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था, जिसमें उसके संस्थापक को जेल भी जाना पड़ा था। इसी तरह, कनाडा के टीडी बैंक पर भी इसी प्रकार की लापरवाही के चलते लगभग 3 अरब डॉलर की पेनल्टी लगाई गई थी। अमेरिकी प्रशासन लगातार ऐसे कड़े वित्तीय प्रहारों के जरिए यह संदेश दे रहा है कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।