बॉम्बे हाई कोर्ट ने दीया मिर्जा के वीडियो को फिर से पोस्ट करने का दिया आदेश
बॉम्बे हाई कोर्ट का निर्णय
बॉम्बे हाई कोर्ट: दीपावली के अवसर पर पटाखों के उपयोग और उससे होने वाले प्रदूषण को लेकर विवाद अब बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। अभिनेत्री दीया मिर्जा के पर्यावरण जागरूकता वाले वीडियो को बीएमसी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने पर अदालत ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कुछ राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।
बीएमसी का वीडियो और उसकी अपील
बीएमसी, यानी बृहन्मुंबई नगर निगम, ने 1 नवंबर को अपने सोशल मीडिया पर दीया मिर्जा का वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में, अभिनेत्री ने लोगों से दीपावली के दौरान पर्यावरण और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की थी। उन्होंने पटाखों से होने वाले प्रदूषण को हानिकारक बताते हुए त्योहार को खुशी के साथ मनाने की बात कही थी। बीएमसी ने यह भी बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध है।
भाजपा नेता की आपत्ति
वीडियो पोस्ट होने के कुछ समय बाद, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीएमसी को टैग करते हुए कहा कि लोगों को दीया मिर्जा से दीपावली मनाने का तरीका सीखने की आवश्यकता नहीं है और परंपराएं संस्कृति से जुड़ी होती हैं।
@mybmc We don’t need lessons on how to celebrate #Diwali from @deespeak Our traditions are deeply rooted in our culture.
— Ameet Satam (@AmeetSatam) November 1, 2026
दीया मिर्जा का बयान
वीडियो हटाए जाने के बाद, दीया मिर्जा ने कहा कि इसे बॉम्बे हाई कोर्ट और बीएमसी के निर्देश पर जागरूकता के उद्देश्य से रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने वायु प्रदूषण को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इसे कम करने के प्रयासों का स्वागत होना चाहिए। अभिनेत्री ने बताया कि वह पिछले एक दशक से पर्यावरण और हवा की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दों पर काम कर रही हैं। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद वीडियो को फिर से पोस्ट करने का निर्देश दिया गया है।
