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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2023: नई दिल्ली में वैश्विक सहयोग की नई दिशा

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने वैश्विक कूटनीति के नए आयाम स्थापित किए हैं। इस सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की, जिसमें रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण और विकास के संतुलन पर जोर दिया और नई पहलों की घोषणा की। जानें इस सम्मेलन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय और उनके वैश्विक प्रभाव।
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नई दिल्ली में वैश्विक कूटनीति का केंद्र


नई दिल्ली: वर्तमान में, दिल्ली का भारत मंडपम वैश्विक कूटनीति का प्रमुख स्थल बन चुका है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन दिवस पर, सदस्य देशों के नेताओं ने राउंडटेबल चर्चा में भाग लेकर कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। पहले दिन 'नई दिल्ली घोषणा 2026' पर सहमति बनने के बाद, आज का फोकस चार मुख्य स्तंभों - रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर है। इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कजाखस्तान, मिस्र, युगांडा और बुरुंडी सहित सात देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की।


वैश्विक साझेदारी और विकास का नया दृष्टिकोण

ब्रिक्स की अध्यक्षता के तहत विकसित चार स्तंभों का मुख्य उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाना और विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूती प्रदान करना है। बैठक में बदलती आर्थिक परिस्थितियों, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और बहुपक्षीय व्यापार प्रणालियों में सुधार पर गहन चर्चा हुई।


पर्यावरण और तकनीक का समन्वय

प्रधानमंत्री मोदी ने नेताओं को संबोधित करते हुए भारतीय दर्शन का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि ये एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मानव सभ्यता और प्रकृति के बीच संतुलन ही सस्टेनेबिलिटी का असली आधार है। इसी दृष्टिकोण के तहत ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है, जो स्मार्ट ग्रिड्स और ऊर्जा भंडारण को उन्नत कर स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच को सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही, पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने के लिए रिजेनरेटिव एग्रीकल्चर सेंटर की शुरुआत भी एक महत्वपूर्ण कदम है।


शहरी विकास को गति देने की पहल

सम्मेलन में 'ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल' की घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक बाजार, तकनीकी ज्ञान और वित्तीय सहायता से जोड़ना है। तेजी से विकसित हो रहे शहरों में परिवहन और बुनियादी ढांचे की समस्याओं का समाधान करने के लिए 'ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब' की स्थापना की गई है, जिससे सदस्य देश अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने सर्वसम्मति से स्वीकृत नई दिल्ली घोषणापत्र को ब्रिक्स का नया चेहरा बताया, जिसमें व्यापार नीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित उपयोग, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।