ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: वैश्विक दक्षिण की तेजी से उभरती भूमिका
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन
नई दिल्ली: भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, जिसमें विभिन्न देशों के पत्रकारों और प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए।
चीन के राष्ट्रपति का सम्मेलन में शामिल होना
चीन के सरकारी समाचार पत्र पीपुल्स डेली के वरिष्ठ पत्रकार रेन यान ने बताया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए बीजिंग से नई दिल्ली आए हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भारत और चीन के नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
ब्रिक्स की वैश्विक भूमिका
ब्रिक्स की भूमिका पर रेन यान ने कहा, "20 साल पहले पश्चिमी शक्तियों का वर्चस्व था, लेकिन अब ग्लोबल साउथ के उभरने के साथ स्थिति बदल रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स में शामिल देशों की विविधता एकता का प्रतीक है, और विकास का लक्ष्य साझा है।
अनास्तासिया गोल्याकोवा की टिप्पणी
थिंक ब्रिक्स की ब्लॉगर अनास्तासिया गोल्याकोवा ने भारत-रूस संबंधों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह उनकी पहली यात्रा है। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यक्रमों में भाग लेने का अनुभव रहा है।
शी जिनपिंग की यात्रा
गोल्याकोवा ने कहा, "शी जिनपिंग 2019 के बाद से भारत नहीं आए हैं, लेकिन दोनों नेताओं के बीच मुलाकातें होती रही हैं।" उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-चीन संबंधों में सुधार होगा।
मेलिसा हॉलो का अनुभव
टीवी ब्रिक्स अफ्रीका की मेलिसा हॉलो ने नई दिल्ली की यात्रा को एक सुंदर अनुभव बताया। उन्होंने स्थानीय संस्कृति और भोजन की सराहना की।
भारत-साउथ अफ्रीका संबंध
मेलिसा ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन के बाद व्यापार में वृद्धि की संभावना है।
यूरोपीय पत्रकार का दृष्टिकोण
यूरोपीय प्रेस फेडरेशन के पत्रकार मार्को अल्पेगियानी ने कहा कि वह यूरोप का प्रतिनिधित्व करने आए हैं, जो अभी तक ब्रिक्स में शामिल नहीं है। उन्होंने भारत के तेजी से बदलते परिदृश्य की सराहना की।
