ब्रिक्स समिट 2023: वैश्विक नेताओं का भारत आगमन
ब्रिक्स समिट का आयोजन
नई दिल्ली: 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में ब्रिक्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के नेता भारत पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा दिल्ली पहुंचे। इन मेहमानों का स्वागत करने के लिए भारत सरकार के कई मंत्री एयरपोर्ट पर मौजूद थे। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बातचीत भी होगी।
पुतिन का स्वागत
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक भी निर्धारित है, जिसमें ब्रह्मोस से संबंधित संभावित समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। रूस ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है, और भारत के साथ उसके संबंधों को देखते हुए पुतिन की यात्रा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शी जिनपिंग की महत्वपूर्ण यात्रा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंचेंगे। यह उनकी लगभग सात साल बाद भारत की यात्रा है। 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव रहा है। ऐसे में जिनपिंग की यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे, जो इस यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा होगा।
रामाफोसा और अन्य मेहमान
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा दिल्ली पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उनका स्वागत किया। वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके अलावा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी भारत पहुंचे हैं। ईरान, जो 2024 में ब्रिक्स में शामिल हुआ, अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव के बीच इस सम्मेलन में भाग ले रहा है।
मिस्र और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी शुक्रवार शाम पालम एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वह पहले भी 2023 में भारत आ चुके हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भी शुक्रवार शाम भारत पहुंचने वाले हैं। उनके आगमन को भारत और इंडोनेशिया के बीच के पुराने संबंधों के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्रिक्स समिट में शामिल अन्य नेता
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली भी ब्रिक्स समिट में शामिल होंगे और उनकी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात होगी। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी भारत आएंगे। सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन में भाग लेंगे। ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा का स्वागत एस. जयशंकर ने किया।
ब्रिक्स का विस्तार
इन नेताओं के अलावा, युगांडा और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति, क्यूबा और बेलारूस के विदेश मंत्री भी सम्मेलन में शामिल होंगे। वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग और कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकाएव भी इस समिट का हिस्सा बनेंगे। ब्रिक्स के मूल सदस्य भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका थे। 2024 में सऊदी अरब, ईरान, यूएई, मिस्र, इंडोनेशिया और इथियोपिया शामिल हुए। इसके बाद बेलारूस, बोलिविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाइलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम भी समूह में शामिल हुए।
