ब्रिक्स सम्मेलन 2026: न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन की प्रमुख बातें
ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में सभी सदस्य देशों ने 'न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन' जारी किया है, जिसमें वैश्विक मुद्दों पर महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। इसमें अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों, जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले, और गाजा में युद्धविराम की मांग शामिल है। इस डिक्लेरेशन में संयुक्त राष्ट्र में सुधार, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, और साइबर अपराध से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने की बात की गई है। जानिए इस डिक्लेरेशन की अन्य महत्वपूर्ण बातें।
| Sep 13, 2026, 07:20 IST
न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन का सारांश
ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में सभी सदस्य देशों ने एक साझा बयान जारी किया है, जिसे 'न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन' कहा गया है। यह डिक्लेरेशन सभी देशों की सहमति से तैयार किया गया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों, जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले, और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का उल्लेख किया गया है।
इसमें गाजा में युद्धविराम और शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की गई है। समूह ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार और गाजा में युद्धविराम की मांग करते हुए अमेरिका और इजरायल को एक स्पष्ट संदेश दिया है। आइए, न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन की कुछ महत्वपूर्ण बातें जानते हैं...
मुख्य बिंदु
- संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया है, जिसमें सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व देने की बात की गई है। चीन और रूस ने भारत और ब्राजील की सुरक्षा परिषद में महत्वपूर्ण भूमिका की आकांक्षाओं का समर्थन किया है।
- एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों और सेकेंडरी सैंक्शन्स का विरोध किया गया है, इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया गया है।
- विश्व व्यापार संगठन में सुधार की आवश्यकता और संरक्षणवाद तथा एकतरफा टैरिफ बढ़ाने के खिलाफ आवाज उठाई गई है, जो अमेरिका की ओर इशारा करता है।
- जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और सभी UN-नामित आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
- पश्चिम एशिया में तनाव पर चिंता व्यक्त की गई और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है।
- गाजा में युद्धविराम, मानवीय सहायता और दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन की पुष्टि की गई। फिलिस्तीन की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता का समर्थन किया गया।
- IAEA सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर देते हुए शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
- बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और नियम-आधारित बहुपक्षवाद को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
- सूडान और सीरिया में संघर्ष समाप्त करने और राजनीतिक समाधान की अपील की गई।
- साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी, और ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क से निपटने के लिए ब्रिक्स सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वैश्विक शासन और ग्लोबल साउथ के लिए AI सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। भारत में आयोजित AI Impact Summit 2026 की सराहना की गई।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में टीबी उन्मूलन, महामारी तैयारी, और डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
- खाद्य सुरक्षा, कृषि सहयोग, और किसानों के अधिकारों को मजबूत करने पर सहमति बनी।
- ऊर्जा सुरक्षा, स्मार्ट ग्रिड, और संतुलित ऊर्जा संक्रमण पर सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
- स्टार्टअप, MSME, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने की घोषणा की गई।
