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ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी से उड़ानें प्रभावित

ब्रिटेन में मंगलवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी आई, जिससे हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं। प्रमुख एयरपोर्ट जैसे हीथ्रो, स्टैनस्टेड और मैनचेस्टर पर उड़ानों में देरी और रद्दीकरण की घटनाएं हुईं। कई एयरलाइंस ने इस समस्या के कारण अपनी उड़ानों में बदलाव किया। NATS ने स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया, लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें। इस घटना ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल में तकनीकी समस्या


ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल में तकनीकी समस्या: मंगलवार को ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में एक तकनीकी खराबी आई, जिसके कारण कई एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई। हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे और अपनी उड़ानों का इंतजार करते रहे। यह समस्या न केवल ब्रिटेन में, बल्कि यूरोप के अन्य हिस्सों में भी उड़ानों को प्रभावित कर रही थी। नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेस (NATS) इस सिस्टम की देखरेख करती है, और मंगलवार को इसके फ्लाइट डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में अचानक तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई। NATS ने तुरंत इंजीनियरों की एक टीम को इसे ठीक करने के लिए लगाया। कुछ समय बाद, NATS ने पुष्टि की कि तकनीकी खराबी को हल कर लिया गया है और उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। एजेंसी ने यात्रियों और एयरलाइंस को हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी।


हीथ्रो और अन्य प्रमुख एयरपोर्ट पर प्रभाव

इस तकनीकी समस्या का असर ब्रिटेन के कई प्रमुख एयरपोर्ट पर पड़ा, जैसे हीथ्रो, स्टैनस्टेड, लंदन सिटी, मैनचेस्टर और बर्मिंघम। विशेष रूप से हीथ्रो एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कुछ समय के लिए आने वाली उड़ानों पर भी असर पड़ा, जिससे एयरपोर्ट को स्थिति सामान्य करने में समय लगा। यात्रियों को सलाह दी गई कि वे एयरपोर्ट पर अपनी उड़ान के ताजा स्थिति की जानकारी लें। सिस्टम ठीक होने के बाद भी उड़ानों का शेड्यूल तुरंत सामान्य नहीं हो सका, क्योंकि पहले से हुई देरी का असर आगे की उड़ानों पर भी पड़ा।


कई एयरलाइंस की उड़ानों में देरी

तकनीकी खराबी का असर कई प्रमुख एयरलाइंस पर पड़ा, जिसमें ब्रिटिश एयरवेज, EasyJet, Ryanair, Wizz Air, KLM और Lufthansa शामिल हैं। EasyJet ने बताया कि उसकी कई उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे ब्रिटेन के अलावा यूरोप के अन्य हिस्सों में भी उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ा। यात्रियों के लिए समस्या इसलिए बढ़ गई, क्योंकि एक उड़ान में हुई देरी का असर उसी विमान की आगे की उड़ानों पर भी पड़ता है। इस घटना के बाद कुछ एयरलाइंस ने ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। Ryanair और Wizz Air ने NATS में सुधार की मांग की है, और Ryanair के एक वरिष्ठ अधिकारी ने NATS के प्रमुख के इस्तीफे की मांग की।


पिछले अनुभवों से सबक

ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में पहले भी तकनीकी समस्याएं सामने आ चुकी हैं। 2023 में हुई एक बड़ी खराबी के कारण हजारों उड़ानें प्रभावित हुई थीं। NATS के रिकॉर्ड के अनुसार, उस घटना में लगभग 1500 उड़ानें रद्द हुई थीं और 579 उड़ानों में औसतन करीब दो घंटे की देरी हुई थी। NATS ने कहा है कि उस घटना के बाद सिस्टम की मजबूती बढ़ाने के लिए कई बदलाव किए गए थे। इस बार की तकनीकी समस्या के दौरान हवाई सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। सिस्टम में गड़बड़ी आने के बाद उड़ानों की संख्या और संचालन को नियंत्रित किया गया। अब सिस्टम ठीक हो चुका है, लेकिन उड़ानों का पूरा शेड्यूल सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान का लेटेस्ट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।