ब्लैक सी में भारतीय नागरिक की मौत के बाद सरकार की सुरक्षा एडवाइजरी
सरकार की नई एडवाइजरी
नई दिल्ली: ब्लैक सी क्षेत्र में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु के बाद, केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह जारी की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि संघर्षग्रस्त समुद्री क्षेत्रों में कमर्शियल जहाजों पर नौकरी स्वीकार करने से पहले सुरक्षा स्थितियों का गंभीरता से मूल्यांकन करना आवश्यक है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक सी और उसके आस-पास के समुद्री इलाकों में स्थिति अभी भी अस्थिर है। ऐसे क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों और नाविकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
सुरक्षा का आकलन करें
विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि जो भारतीय नागरिक संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में या वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर नौकरी करना चाहते हैं, उन्हें पहले सुरक्षा जोखिमों का पूरी तरह मूल्यांकन करना चाहिए। सरकार ने कहा कि केवल नौकरी के प्रस्ताव के आधार पर निर्णय लेने के बजाय संभावित खतरों को समझना आवश्यक है।
मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा
सरकार ने बताया कि ब्लैक सी और उसके आसपास के समुद्री इलाकों में जारी संघर्ष के कारण सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इन क्षेत्रों में गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों सहित कई गंभीर खतरों का सामना करना पड़ रहा है। अप्रैल 2026 से ऐसी घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी गई है।
पांच भारतीयों की मौत के बाद एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल के हमलों में कमर्शियल जहाजों पर तैनात पांच भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। पिछले सप्ताह हुए दो हमलों के बाद एक और ताजा हमले में एक भारतीय की मृत्यु हुई। इन घटनाओं को देखते हुए सरकार ने नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नौकरी स्वीकार करने से पहले जांच करें
एडवाइजरी में कहा गया है कि जहाज का तय मार्ग, जिन बंदरगाहों पर वह रुकेगा, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवरेज और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की पूरी जानकारी जहाज मालिक या ऑपरेटर से जरूर लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि रोजगार की शर्तें अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों के अनुरूप हों।
परिवार और भारतीय मिशन से संपर्क बनाए रखें
सरकार ने भारतीय नाविकों से कहा है कि वे अपने यात्रा कार्यक्रम की जानकारी परिवार को देते रहें और नियमित संपर्क बनाए रखें। यदि किसी प्रकार की कांसुलर सहायता की आवश्यकता हो तो संबंधित देश में स्थित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से तुरंत संपर्क करें। सरकार ने दोहराया कि सतर्कता और सही जानकारी ही ऐसे जोखिम वाले क्षेत्रों में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
