भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा: समरसता और सेवा का प्रतीक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रथ यात्रा में भागीदारी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजपुरा में भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और मानवता के कल्याण का प्रतीक है। यह यात्रा प्रेम, सेवा, समानता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने रथ यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचते हुए उपस्थित लोगों को स्वच्छता का संदेश भी दिया।
उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी और माता सुभद्रा के चरणों में शीश नवाते हुए कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ सम्पूर्ण मानवता के नाथ हैं। उनके दरबार में जाति, वर्ग या अमीरी-गरीबी का भेद नहीं होता। रथ यात्रा का संदेश है कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं और सच्ची भक्ति का आधार प्रेम, सेवा और समर्पण है।
रथ यात्रा का सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा हजारों वर्षों से भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस यात्रा में हजारों लोग मिलकर रथ की रस्सी खींचते हैं, जहां किसी की जाति, भाषा या सामाजिक स्थिति का भेद नहीं होता।
यह हमारी सनातन संस्कृति और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश देती आई है। आज जब विश्व विभाजन और संघर्ष जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा प्रेम, सेवा और एकता का संदेश देती है।
इस्कॉन संस्था की सराहना
मुख्यमंत्री ने इस्कॉन संस्था के मानव सेवा कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संस्था पिछले दो दशकों से संस्कार, गौसेवा, गीता प्रचार, अन्नदान और युवा जागरण के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को इस महान कार्य के लिए बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
