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भाजपा पर तृणमूल कांग्रेस का गंभीर आरोप: कार्यालय में तोड़फोड़ का मामला

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यालय में तोड़फोड़ की। बनर्जी ने घटना की सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री से कार्रवाई की मांग की है। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और बनर्जी के आरोपों का क्या असर हो सकता है।
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तृणमूल कांग्रेस का आरोप


तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सशस्त्र कार्यकर्ताओं ने पार्टी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की।


बनर्जी ने कहा कि इन लोगों ने कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचाया और पार्टी कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन भी ले गए।


हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बारानगर से भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा कि इस घटना में पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था।


सीसीटीवी फुटेज और कार्रवाई की मांग

बनर्जी ने 'एक्स' पर घटना की कथित सीसीटीवी फुटेज साझा की और सवाल उठाया कि क्या राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय इस मामले में कार्रवाई करेंगे या चुप रहेंगे।


डायमंड हार्बर के सांसद ने न्यायपालिका से भी इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेने और राज्य में कानून का शासन बनाए रखने की अपील की।


बनर्जी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा कि वे तृणमूल कांग्रेस से इतने डरे हुए क्यों हैं कि इस तरह की धमकी और डराने-धमकाने की जरूरत पड़ रही है।


राजनीतिक ठगी का आरोप

बनर्जी ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के खिलाफ इसी तरह की हिंसा और तोड़फोड़ होती रही, तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।


उन्होंने इसे 'राजनीतिक ठगी' करार देते हुए कहा कि हर हमले को याद रखा जाएगा और कुछ भी नहीं भुलाया जाएगा।


बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और वकीलों द्वारा बार-बार संपर्क करने के बावजूद, कोलकाता पुलिस ने लगभग दो घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की।


घटना का समय और भाजपा का जवाब

तृणमूल कांग्रेस ने बताया कि यह घटना तड़के लगभग साढ़े चार बजे हुई, जब हथियारों से लैस लोगों का एक समूह कार्यालय में घुसा और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।


भाजपा विधायक घोष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस घटना में भाजपा का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं है।


उन्होंने यह भी सवाल किया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उस समय कार्यालय में क्यों थे और आरोप लगाया कि यह घटना राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने के लिए जानबूझकर की गई।


सीसीटीवी फुटेज की मांग

तृणमूल कांग्रेस ने सीसीटीवी फुटेज जारी की, जिसमें कथित तोड़फोड़ की घटना देखी जा सकती है।


उन्होंने मांग की कि फुटेज में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।


हालांकि, इस फुटेज की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।


राजनीतिक टकराव का बढ़ता मामला

यह घटना बनर्जी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच हुई है। हाल के दिनों में यह कार्यालय तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद का केंद्र बन गया है।


पिछले सप्ताह, पुलिस और कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों ने तृणमूल कांग्रेस के एक होर्डिंग को हटाने की कोशिश की थी, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।