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भाजपा विधायक पराग शाह का अनोखा अनुभव: अरबपति से भिखारी बनने की कहानी

भाजपा विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह भीख मांगते नजर आ रहे हैं। यह सब उनके आध्यात्मिक गुरु के निर्देश पर हुआ, ताकि वह समाज की कठिनाइयों को समझ सकें। इस अनुभव के माध्यम से उन्होंने गरीबों की बेइज्जती और संघर्ष को महसूस किया। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और कैसे एक अरबपति ने भिखारी बनकर समाज के प्रति संवेदनशीलता दिखाई।
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पराग शाह का वायरल वीडियो

पराग शाह का वायरल वीडियो: मुंबई के घाटकोपर ईस्ट से भाजपा विधायक पराग शाह का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में उन्हें घाटकोपर की सड़कों पर भीख मांगते हुए देखा जा सकता है। महाराष्ट्र के सबसे धनी विधायक माने जाने वाले पराग शाह की संपत्ति लगभग 5000 करोड़ रुपये है, फिर भी वह भिखारी के रूप में मुंबई की गलियों में घूमते नजर आए। राहगीरों की नजरें उन पर अजीब थीं, और कई बार वॉचमैन ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। चिलचिलाती धूप में उन्होंने घंटों तक यह सब सहा।


अरबपति से भिखारी बनने का कारण

इस अनोखे अनुभव के पीछे का कारण उनके आध्यात्मिक गुरु नम्रमुनि महाराज हैं। बताया जा रहा है कि जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान, नम्रमुनि महाराज ने पराग शाह को एक दिन के लिए भिखारी बनने का निर्देश दिया, ताकि वह लोगों की कठिनाइयों को समझ सकें।

गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए, पराग शाह ने सभी सुख-सुविधाओं को छोड़कर घाटकोपर की सड़कों पर निकल पड़े। उन्होंने मेकअप की मदद से भिखारी का रूप धारण किया और भीख मांगना शुरू किया। इस दौरान कई लोगों ने उन्हें नजरअंदाज किया, कुछ ने दया दिखाई, और कुछ ने खाना भी दिया। इन प्रतिक्रियाओं ने पराग शाह को एक भिखारी के जीवन के संघर्ष और दर्द को महसूस करने का अवसर दिया।


पराग शाह का राजनीतिक सफर

पराग शाह ने 2024 के विधानसभा चुनाव में 3,383 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा किया था। विधायक बनने से पहले, वह बीएमसी में भाजपा के पार्षद रह चुके हैं। 2017 में, उन्होंने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) का चुनाव लड़ा था। पराग शाह एक प्रमुख रियल एस्टेट व्यवसायी हैं और उनकी कंपनी Man Infraconstruction Ltd – MICL Group की कुल मार्केट वैल्यू 5000 करोड़ रुपये से अधिक है। उनके पास मुंबई के घाटकोपर, चेंबूर और ठाणे जैसे क्षेत्रों में कई कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज हैं।

जैन परंपरा में त्याग और आत्मचिंतन को मोक्ष का आधार माना जाता है, और पराग शाह का भिखारी बनने का यह प्रयोग इसी भावना से जुड़ा हुआ है।