भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सौदे पर हस्ताक्षर
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में नई मजबूती
मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दूसरे दिन, गुरुवार को, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सौदे पर सहमति जताई। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, अंतरिक्ष और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्रों में कई समझौतों की घोषणा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हम भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करेंगे। कोकोस द्वीप पर एक स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा, जो भारत के गगनयान मिशन को सहायता प्रदान करेगा।' इसके अलावा, उन्होंने 16 साल के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की सराहना की। बाद में, मोदी ने मेलबर्न में 30,000 भारतीयों को संबोधित किया।
यूरेनियम का यह समझौता भारत की परमाणु ऊर्जा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, भारत चार देशों से यूरेनियम खरीदता है, और ऑस्ट्रेलिया अब पांचवां देश होगा। ऑस्ट्रेलिया विश्व का चौथा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है। दोनों देशों ने साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अंतर्गत, वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और डिजिटल रेजिलिएंस जैसे क्षेत्रों में एक साथ अनुसंधान करेंगे।
दोनों नेताओं ने साझा बयान में कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध क्रिकेट की तरह हैं। मोदी ने कहा, 'हमारी मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। एजेंडे में वनडे जैसा फोकस है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से होते हैं और हमारी साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और मजबूत है।' वहीं, प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा कि आज हमने 2015 के भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु सहयोग समझौते के तहत भारत को यूरेनियम निर्यात की व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए हैं। हम दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
